चारधाम परियोजना: चंबा शहर के नीचे सुरंग बनकर तैयार, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया ऑनलाइन निरीक्षण
- अक्तूबर से चंबा शहर के नीचे से दौड़ेंगे वाहन, टनल के दोनों छोर आर-पार
- बीआरओ ने चारधाम परियोजना के तहत चंबा शहर के नीचे सुरंग निर्माण के कार्य में सफलता हासिल की
- जनवरी 20019 में शुरू हुआ था काम, निर्धारित तिथि जनवरी 2021 से तीन माह पहले यातायात के लिए खुल जाएगी सुरंग
- मंत्री नितिन गडकरी ने टनल के दोनों छोर आर-पार होने पर बीआरओ को बधाई दी
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बीआरओ(सीमा सड़क संगठन) ने प्रतिष्ठित चारधाम परियोजना(ऑलवेदर रोड) के तहत ऋषिकेश-धरासू हाईवे (एनएच-94) पर घनी आबादी वाले चंबा शहर के नीचे सुरंग निर्माण में सफलता हासिल कर ली है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टनल के दोनों छोर आर-पार होने पर वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से बीआरओ के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि चारधाम परियोजना से उत्तराखंड में दुनिया भर के सैलानियों की सालभर चहलकदमी बनी रहेगी, जिससे राज्य वासियों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। नितिन गडकरी ने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना का काम जल्द पूरा होने के बाद चारधाम यात्रा सुगम हो सकेगी। केंद्रीय मंत्री ने बीआरओ को निर्माण कार्य तय तिथि तक पूरा करने के भी निर्देश दिए।
Happy to announce that our Border Roads Organisation (BRO) team has made a major breakthrough in Chardham Project. They have successfully dug up 440 m long Tunnel below the busy Chamba town on Rishikesh-Dharasu road Highway(NH 94). #PragatiKaHighway pic.twitter.com/uUtkylpYftविज्ञापन विज्ञापन— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) May 26, 2020
ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का हुआ इस्तेमाल
सुरंग के उत्तर और दक्षिण पोर्टल्स से मिलाने का कार्य, कोविड-19 की चुनौतियों एवं राष्ट्रव्यापी तालाबंदी के कारण प्रतिबंधों के बीच पूरा किया गया। भूमि अधिग्रहण, कमजोर भूविज्ञान, निरंतर जल निकासी एवं सुरंग के ऊपर घना निर्मित क्षेत्र होने के कारण नीचे बैठने की संभावना के मद्देनजर सुरंग का निर्माण चुनौतीपूर्ण कार्य था।
सीमा सड़क संगठन ने जनवरी 2019 में सुरंग के उत्तर पोर्टल पर काम शुरू किया था, लेकिन दक्षिण पोर्टल पर काम राज्य सरकार के सक्रिय समर्थन से सुरंग के ऊपर भूमि मुआवजा और मकानों की सुरक्षा के मुद्दों का समाधान करने के बाद अक्तूबर 2019 के बाद शुरू हो सका। इस सुरंग की सफलता से यातायात को गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि चंबा सुरंग के निर्माण में नवीनतम ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का उपयोग किया गया है।
अक्तूबर 2020 तक यातायात के लिए तैयार हो जाएगी सुरंग
मैसर्स भारत कंस्ट्रक्शन, देहरादून द्वारा प्रदान की गई आधुनिक तकनीक और मशीनों के उपयोग के साथ-साथ समय-समय पर हुए नुकसान की भरपाई दिन और रात की पाली में कार्य करके की गई। सुरंग जनवरी 2021 में पूरा होने की निर्धारित तिथि से लगभग तीन महीने पहले अक्तूबर 2020 तक यातायात के लिए तैयार हो जाएगी।
87 करोड़ की लागत से किया जा रहा सुरंग का निर्माण
सीमा सड़क संगठन के चीफ इंजीनियर आशु सिंह राठौर ने बताया कि 4.2 किमी सड़क और 440 मीटर सुरंग का निर्माण 87 करोड़ की लागत से किया जा रहा है । लगभग 12,000 करोड़ रूपये की लागत वाली प्रतिष्ठित चारधाम परियोजा ना के तहत, सीमा सड़क संगठन 249 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कर रहा है, जो गंगोत्री और बदरीनाथ के पवित्र मंदिरों की ओर जाता है।
अधिकतर कार्य निर्धारित समापन तिथि से आगे प्रगतिशील है और अक्तूबर 2020 तक पूरा किया जाना है। उन्होंने बताया कि चारधाम परियोजना के अंतर्गत बीआरओ के पास कुल 11 परियोजनाएं हैं, इनमें से पांच परियोजनाओं को अक्तूबर 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।