Uttarakhand: चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना...नौ साल पूरे होने को आए, अब भी कई योजनाएं अटकी हुईं
चारधाम परियोजना के तहत छह योजनाएं अटकी हुई हैं। इसमें पांच एनएच और दो बीआरओ की हैं।
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महत्वाकांक्षी चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना शुरू हुए नौ साल हो रहे हैं, लेकिन अब भी छह योजनाएं हैं, जिनके पूरा होने का नहीं बल्कि शुरू होने का इंतजार हो रहा है। ऐसे में परियोजना के सभी काम तीन साल बाद पूरे होने का अनुमान है। इन कामों के पूरा होने के बाद चारधाम यात्रा के लिए आवागमन और सुगम हो सकेगा।
नौ साल पहले चारधाम परियोजना की घोषणा हुई थी, इसमें 53 काम किए जाने थे। इसमें 825 किमी लंबाई की सड़क को बनाया जाना था। इसमें 12,769 करोड़ व्यय होेने का अनुमान लगाया गया। योजना पर काम शुरू किया गया, तो उसमें 47 कार्याें को स्वीकृति मिली। इसमें भी 42 कार्य को शुरू किया जा सके। अभी भी योजना के तहत केवल 29 काम ही पूरे हो सके। 13 कार्य चल रहे हैं, जिनका पूरा होना बाकी है।
सात योजनाएं अटकी हुईं
चारधाम परियोजना के तहत छह योजनाएं अटकी हुई हैं। इसमें पांच एनएच और दो बीआरओ की हैं। एनएच के मुख्य अभियंता दयानंद कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट की हाईपावर कमेटी ने पिछले साल कुछ योजनाओं को अनुमति दी है, इसके बाद काम शुरू हुआ है। अभी छह काम होने बाकी हैं।
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एनएच का ऋषिकेश, पिथौरागढ़, लोहाघाट बाईपास और ओजरी टनल का कार्य है। इनको स्वीकृति मिलनी है। चंपावत बाईपास के लिए स्वीकृति मिली है, जिसके लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को शुरू किया जाना है। चारधाम योजना के सभी काम वर्ष-2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।