फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   char dham yatra

चारधाम यात्राः परिवहन विभाग को बुजुर्गों में दिलचस्पी नहीं

Tue, 03 Jun 2014 04:06 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, ऋषिकेश
ब्यूरो / अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Tue, 03 Jun 2014 04:06 PM IST
विज्ञापन
char dham yatra

आपदा के बाद उत्तराखंड में सब ठीक है, इसका संदेश देश दुनिया तक कैसे पहुंचाया जा रहा है। इसकी एक बानगी देखिए।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रदेश के वृद्धजनों (65 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों) के लिए सरकारी स्तर पर एक धाम की यात्रा गुपचुप तरीके से शुरू कर दी गई, मगर किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

परिवहन विभाग की लापरवाही और प्रचार प्रसार के अभाव में लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। माहभर पहले शुरू हो चुकी योजना का स्थानीय स्तर पर अभी तक कोई रिस्पांस नहीं है।
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव के दौरान सीएम द्वारा घोषित राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा कराने की योजना की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपी गई है।

मगर जिस विभाग पर इसका दारोमदार है, वह इसके संचालन में कोई दिलचस्पी लेता नहीं दिख रहा।

परिवहन विभाग ने नहीं किया प्रचार-प्रसार

char dham yatra

माहभर पहले जारी शासनादेश के बावजूद इसका कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया जा रहा।

इसके लिए यात्रा बस अड्डा, पर्यटन कार्यालयों, रेलवे स्टेशन आदि सार्वजनिक स्थानों पर संबंधित योजना के कोई बोर्ड चस्पा नहीं किए गए।

योजना के तहत लोकल यात्रियों को बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड और पिरान कलियर शरीफ में से किसी एक धाम की यात्रा कराई जाएगी।

एआरटीओ शैलेश तिवारी के मुताबिक यात्रियों को आवागमन का खर्च विभाग की ओर से दिया जाएगा। यात्रा के लिए आवेदन की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि बुजुर्ग परेशान हो जाएंगे।

फ्री यात्रा के ‌लिए ऐसे करें आवेदन

char dham yatra

यात्रा के इच्छुक बुजुर्ग इसके लिए अपने नजदीकी एआरटीओ/आरटीओ कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

विभाग की ओर से श्रद्धालुओं को एक पास मुहैया कराया जाएगा। यात्री धाम पहुंचने के बाद पुजारी और वाहन चालक के हस्ताक्षर पास पर लेंगे। यात्रा समाप्त होने पर श्रद्धालु जारी पास को विभाग को सौंप देगा। जिसकी एवज में उसे किराए का भुगतान किया जाएगा।

आवेदन की जटिल प्रक्रिया
सरकार ने बुजुर्गों के लिए योजना तो शुरू की, मगर इसमें उनकी उम्र को नजरअंदाज कर दिया गया।

योजना तैयार करने वाले आईएएस अफसरों की व्यवस्था देखिए सबसे पहले आवेदन के लिए श्रद्धालुओं को एआरटीओ कार्यालय पहुंचना होगा।

यहां से मिलने वाले कार्ड को वाहन चालक और धाम के मंदिर के पुजारी अथवा मंदिर समिति से सत्यापित कराना होगा।

लौटकर वापस विभागीय कार्यालय में पास जमा होगा, जिसके बाद किराए के भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed