ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बदरीनाथ हाईवे को कई जगहों पर सुगम बना लिया गया है, लेकिन बिरही चाड़े पर हाईवे की स्थिति जस की तस बनी है। यहां चट्टान सड़क के ठीक ऊपर से झूल रही है, जबकि नीचे से अलकनंदा बह रही है। गत वर्ष भूस्खलन होने से यहां हाईवे बेहद संकरा हो गया है, जिससे चारधाम यात्रा में वाहनों की संख्या बढ़ जाने से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को जाम से परेशान होना पड़ सकता है।
चारधाम यात्रा 2021: पहली बार अलग-अलग दिन खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट, ये है वजह
बदरीनाथ हाईवे पर कई भूस्खलन क्षेत्रों का सुधारीकरण और चौड़ीकरण कार्य पूरा हो गया है, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं आ रही है, लेकिन चमोली चाड़े से सात किमी आगे बिरही चाड़े पर करीब 40 मीटर का हिस्सा खतरनाक बना है।
यहां ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य आधा-अधूरा पड़ा है, जिससे सड़क खराब स्थिति में पहुंच गई है। सड़क किनारे सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं हैं, जबकि गत दिनों मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिला प्रशासन को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बदरीनाथ हाईवे पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के साथ ही यातायात सुगम बनाने के निर्देश दिए थे।
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आगामी मई माह में चारधाम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि द नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों को चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे चाक-चौबंद बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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आगामी मई माह में चारधाम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
आगामी मई माह में चारधाम यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड का 15 सदस्यीय दल बुधवार को बदरीनाथ धाम पहुंचा है। दल में शामिल कर्मचारी धाम में यात्रा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के साथ ही बदरीनाथ मंदिर के बाह्य परिसर, दर्शन पंक्ति, धर्मशालाओं, तप्त कुंड परिसर, बस टर्मिनल, बिजली, पानी की व्यवस्था को देखेंगे।
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बदरीनाथ
- फोटो : अमर उजाला
इस वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। धाम में यात्रा व्यवस्थाएं बनाने के लिए बुधवार को सुबह नौ बजे अवर अभियंता गिरीश रावत तथा दफेदार कृपाल सिंह सनवाल के नेतृत्व में देवस्थानम बोर्ड का दल जोशीमठ से रवाना हुआ और बदरीनाथ धाम पहुंचा।
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बदरीनाथ
- फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कपरवाण, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, संजय भट्ट, प्रबंधक भूपेंद्र राणा, पुजारी सुशील डिमरी, रामप्रसाद थपलियाल, चंदू भट्ट आदि मौजूद थे। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि दल में सुपरवाइजर सहित 15 लोग शामिल हैं।