चारधाम यात्रा: बदरीनाथ हाईवे में बढ़ा लामबगड़ गदेरे का जलस्तर, यात्रा रुकी, 600 यात्रियों को रोका
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केदारनाथ, बदरीनाथ और यमुनोत्री यात्रा हाईवे पर जगह-जगह मलबा आने से फिलहाल रुकी हुई है। वहीं गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारू है। बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा जगह-जगह रोक ली गई है। शनिवार को शाम पांच बजे हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने और लामबगड़ गदेरे (बरसाती नाला) का जलस्तर बढ़ने से पुलिस प्रशासन की ओर से लगभग 600 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ धाम में रोका गया है।
लामबगड़ में बार-बार अवरुद्ध हो रहे हाईवे से तीर्थयात्रियों का यात्रा शेड्यूल भी बिगड़ रहा है। शनिवार को सुबह से लामबगड़ में मौसम सामान्य रहा। लेकिन दोपहर बाद क्षेत्र में भारी बारिश शुरु हो गई। शाम पांच बजे लामबगड़ गदेरे का जलस्तर बढ़ गया और भूस्खलन क्षेत्र से मलबा और बोल्डर भी हाईवे पर आ गए, जिससे बदरीनाथ धाम जा रहे करीब 500 तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट, पांडुकेश्वर और जोशीमठ में रोका गया है, जबकि बदरीनाथ से लौट रहे करीब एक सौ तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ में ही रोका गया है।
गोविंदघाट के थाना प्रभारी वृजमोहन सिंह राणा ने कहा कि रविवार को मौसम सामान्य होने पर हाईवे को सुचारु कर यात्रा वाहनों की आवाजाही सुचारु करवा ली जाएगी। इधर, तीर्थयात्री विनोद प्रकाश ने बताया कि हाईवे के अवरुद्ध होने से उनका यात्रा शेड्यूल बिगड़ गया है। उन्होंने बदरीनाथ धाम में रात के लिए होटल भी एडवांस में बुकिंग कर दिया था, लेकिन लामबगड़ में हाईवे अवरुद्ध होने से उन्हें गोविंदघाट में रुकना पड़ रहा है। अब रविवार को बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जाएंगे।
केदारनाथ हाईवेः बांसवाड़ा में नासूर बना गौरीकुंड हाईवे
गौरीकुंड हाईवे पर बांसवाड़ा भूस्खलन जोन नासूर बन गया है। तीसरे दिन भी यहां पहाड़ी से बोल्डर व मलबा गिरने का सिलसिला बना रहा, जिस कारण यातायात ठप रहा। अन्य स्थानों पर भी स्थिति दयनीय बनी हुई है। प्रशासन के निर्देश पर एनएच द्वारा यातायात को गंगानगर-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया है, लेकिन यहां भी स्थिति खराब है।
ऑल वेदर रोड परियोजना में निर्माणधाीन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर बांसवाड़ा में लगभग 200 मीटर हिस्सा एनएच व आमजन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बीते तीन दिनों से पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण हाईवे पर यातायात ठप है। इस समस्या के चलते चंद्रापुरी से आगे केदारघाटी के गुप्तकाशी से गौरीकुंड और ऊखीमठ क्षेत्र से सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। तीन दिनों से यहां अखबार, दूध, सब्जी और अन्य दैनिक उपयोग के सामान की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई है।
वैकल्पिक मार्ग से जो सामग्री भेजी जा रही है, वह दर्जनभर दुकानों तक ही सीमित है। ऐसे में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रह है। राजमार्ग पर भटवाड़ीसैंण, सिल्ली के अलावा कुंड से आगे सेमी-भैंसारी, डोलिया मंदिर, चंडिकाधार आदि स्थानों पर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बांसवाड़ा में पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे से कार्य करने में मुश्किलें हो रही हैं। मौसम सुधार होने पर ऊपरी तरफ से चट्टानी क्षेत्र दरकने का अलग से खतरा बना हुआ है। बावजूद हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि हाईवे को यथाशीघ्र दुरुस्त किया जा सके।
यमुनोत्री हाईवे बाधित, भूस्खलन जोन में फंसी यात्रियों से भरी टैक्सी
शनिवार दोपहर बाद हुई बारिश से ओजरी डबरकोट स्लाइड जोन में एक बार फिर से भूस्खलन होने के कारण यमुनोत्री हाईवे बाधित हो गया। अचानक हुए भूस्खलन के कारण यात्रियों से भरी एक टैक्सी भूस्खलन जोन के बीच में फंस गई। वहीं बीती रात हुई बारिश के कारण जनपद के करीब आधा दर्जन संपर्क मार्ग भी घंटों अवरुद्ध रहे।
शुक्रवार रात को हुई बारिश के कारण जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में एक बार फिर से भूस्खलन हुआ, जिसके चलते बड़ेथी-बनचौरा, छैजुला-कोटधार, इंद्रा-टिपरी, नैटवाड़-सेवा और पुजार गांव-दड़माली मोटर मार्ग पर सुबह से ही यातायात बाधित रहा, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि संबंधित सड़क निर्माण विभागों ने दोपहर करीब 12 बजे तक सभी मार्गों से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया।
यात्रियों को किसी तरह का खतरा नहीं
वहीं शनिवार दोपहर बाद मौसम के अचानक करवट बदलते ही एक बार फिर से भारी बारिश हुई, जिससे यमुनोत्री हाईवे दोपहर करीब दो बजे ओजरी डबरकोट स्लाइड जोन में भूस्खलन होने से बाधित हो गया, जिससे यात्रियों से भरी एक टैक्सी ओजरी-डबरकोट भूस्खलन जोन के बीचों बीच फंस गई।
बताया जा रहा है कि 300 मीटर लंबे हिस्से को पार कर रही टैक्सी के आगे अचानक भूस्खलन हो गया, लेकिन चालक के लौटने से पहले ही स्लाइड जोन के पिछले हिस्से में भी भूस्खलन हो गया। इससे यात्रियों से भरी टैक्सी स्लाइड जोन के बीच में ही फंस गई। हालांकि यह हिस्सा सुरक्षित होने के कारण यात्रियों को किसी तरह का खतरा नहीं है। सड़क अवरुद्ध होते ही मौके पर मौजूद एनएच कर्मियों ने हाईवे को खोलने का कार्य शुरू कर दिया है। एनएच के एई धीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि टैक्सी व उसमें मौजूद सभी यात्री सुरक्षित हैं, जिन्हें निकालने के लिए मलबा हटाया जा रहा है।