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इन चैंपियन गर्ल्स की नजर बस गोल्ड मेडल पर, जीत के विश्वास के साथ मैदान में उतरीं

Wed, 06 Dec 2017 07:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 06 Dec 2017 07:02 PM IST
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 champion girls ready for competation
champion girls - फोटो : amar ujala
नेशनल स्कूल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देशभर के खिलाड़ी अपने मुक्कों का दम दिखाने को तैयार हैं। दून के पवेलियन मैदान में 4 दिसंबर (सोमवार) से शुरू हुई 63वीं राष्ट्रीय विद्यालयी अंडर-17 बालक-बालिका बॉक्सिंग चैंपियनशिप में इस बार पदकों के लिए जबरदस्त जोर-आजमाइश देखने को मिल रही है। अधिकांश खिलाड़ी अपनी बॉउट जीतने पर फोकस कर रहे हैं। वहीं कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनकी नजर गोल्ड मेडल पर है। पिछले वर्षों के दौरान नेशनल चैंपियनशिप जीतने वाले अधिकांश खिलाड़ी गोल्ड जीतने को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। फिलहाल इन चैंपियंस की ऐज और वेट कैटेगरी तो बदल चुकी है, लेकिन जीतने का जज्बा अब भी पहले जैसा ही है।
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पांच बार की नेशनल चैंपियन
लिटिल एंजल स्कूल सोनीपत में 10वीं कक्षा की छात्रा योगिता पांच बार की नेशनल चैंपियन हैं। मूलत: हिसार निवासी योगिता ने पिछले वर्ष हुई चैंपियनशिप में 50 किग्रा में गोल्ड जीता था। शानदार खेल के दम पर वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए जगह बनाने में कामयाब रही हैं। योगिता इस बेहतरीन प्रदर्शन के पीछे मां मनु चौहान के त्याग और समर्पण की भूमिका महत्वपूर्ण मानती है। दुर्घटना में घायल होने के बावजूद मनु चौहान अपनी बेटी को बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शामिल कराने के लिए दून पहुंची हैं।
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50-53 किग्रा में संदीप कौर का जवाब नहीं
पटियाला, पंजाब निवासी संदीप कौर मल्टीपरपज सीनियर सेकेंडरी स्कूल पटियाला में दसवीं कक्षा की छात्रा है। तीन नेशनल गोल्ड अपने नाम कर चुकीं संदीप इस बार भी गोल्ड मेडल जीतने को लेकर आश्वस्त हैं। इसी वर्ष असम में हुई खेलो इंडिया प्रतियोगिता में संदीप कौर ने 50-54 किग्रा में गोल्ड जीता था। इसके अलावा संदीप ने 2016 में ग्वालियर में हुई नेशनल स्कूल चैंपियनशिप के 50-53 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड अपने नाम किया था। 2015 में आनंदपुर साहिब, पंजाब में भी इसी चैंपियनशिप की 48-50 किग्रा में भी गोल्ड मिला जीता था।
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भारती की नजर गोल्ड पर, बड़ी बहन भी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर

 champion girls ready for competation
रोहतक हरियाणा निवासी भारती अपने जानदार मुक्कों के लिए पहचानी जाती है। राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय रोहतक की 10वीं कक्षा की छात्रा भारती ने 2016 में ग्वालियर में हुए नेशनल स्कूल चैंपियनशिप की 42 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड अपने नाम किया था। भारती की बड़ी बहन मोनिका अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर हैं, जिन्हें देखकर भारती को भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा मिली।

पदक जीतना है लक्ष्य : अर्पिता
2016 में 80 प्लस वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने वाली इंदौर निवासी अर्पिता शुक्ला उदयन बाल मंदिर की 10वीं कक्षा की छात्रा है। इस वर्ष भी वह इसी वेट कैटेगरी में पदक जीतने के लिए तैयारी कर रही हैं। नेशनल चैंपियनशिप की ओपन कैटेगरी में सिल्वर जीतने वाली अर्पिता साई रोहतक में कोचिंग कर रही है। नेशनल स्कूल चैंपियनशिप के लिए वह वहीं छुट्टी लेकर पहुंची हैं। अर्पिता ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें मुक्केबाजी में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया था।
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