चंपावत: धूनाघाट में दुर्घटनाग्रस्त होकर कार खाई में गिरी, यूपी के दो युवकों की मौत
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उत्तराखंड के चंपावत में पाटी क्षेत्र के धूनाघाट में एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर दो सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार के परखचे उड़ गए और उत्तर प्रदेश निवासी दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। घायल को 108 एंबुलेंस से लोहाघाट उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए। हादसे की वजह का पता नहीं चल सका है।
लोहाघाट से हल्द्वानी होते हुए बुधवार रात संभल जा रही सेंट्रो कार धूनाघाट आरएफसी गोदाम के पास 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना में धर्मेंद्र यादव (25) पुत्र ऋषिपाल निवासी ग्राम सुल्तानपुर खुर्द थाना बहजोई, जिला संभल और बब्लू (30) पुत्र चंद्रपाल सिंह ग्राम हमियापुर थाना जरीफनगर बदायूं की मौके पर ही मौत हो गई। देवेंद्र यादव (30) पुत्र बनवारी सिंह निवासी ग्राम सुल्तानपुर खुर्द थाना बहजोई, जिला संभल घायल हो गए।
उन्हें बृहस्पतिवार की सुबह लोहाघाट उप जिला अस्पताल भेजा गया। एमएस डॉ. जुनैद कमर ने बताया कि हाथ की हड्डी टूटने की वजह से घायल देवेंद्र को जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवा चुके धर्मेंद्र यादव और बब्लू के ट्रैक्टर यहां की पंचघाटी कंस्ट्रक्शन कंपनी में चलते हैं। ये लोग कंपनी के चांदमारी कार्यालय से हिसाब कर लौट रहे थे।
देर रात हुई दुर्घटना की जानकारी पुलिस को बृहस्पतिवार सुबह मिली। तुरंत ही लोहाघाट से थानाध्यक्ष मनीष खत्री और पाटी के एसओ नारायण सिंह ने दलबल के साथ मौके पर पहुंच सूरज बोहरा, बची सिंह, प्रकाश सिंह आदि स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य किया।
रातभर खाई में पड़ा रहा घायल देवेंद्र
बुधवार रात हुए हादसे की भनक बृहस्पतिवार सुबह लगी। वक्त पर हादसे की जानकारी नहीं लगने से दो लोग सुबह से पहले ही दम तोड़ चुके थे। घायल देवेंद्र यादव ने होश में आने के बाद बताया कि रात को दुर्घटना के बाद शोर मचाकर बचाने की गुहार लगाई, लेकिन रात होने के कारण मदद नहीं मिल सकी। पूरी रात देवेंद्र खाई में ही पड़े रहे। अगर वक्त पर दुर्घटना का पता चलता तो शायद धर्मेंद्र और बब्लू को भी बचा लिया जाता।
पर्व के मौके पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
धनतेरस से एक दिन पूर्व पाटी के धूनाघाट में खाई में कार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वैसे चंपावत जिले में पर्वों के आसपास पहले भी कई वाहन हादसे हो चुके हैं। 2008 में हरेला पर्व पर 17 जुलाई को अमरूबैंड में रोडवेज बस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई। दिवाली पर 2003 में सूखीढांग के पास हुए हादसे में दो लोगों की मौत हुई।
चंपावत जिले में 30 दिन में 6 हादसों में 7 की मौत
- 13 अक्तूबर-लोहाघाट के पास सेना के ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत।
- 14 अक्तूबर -खोलका के पास कार खाई में गिरने से चालक की मौत।
- 25 अक्तूबर-मूलाकोट में कार के खाई में गिरने से चालक की मौत।
- 28 अक्तूबर-संतोला के पास कार के खाई में गिरने से पूर्व फौजी की मौत।
- 30 अक्तूबर-पाटी के पास कार खाई में गिरने से डेढ़ साल की बच्ची की मौत।
- 11 नवंबर - पाटी के धूनाघाट में कार खाई में गिरने से दो की मौत।