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Uttarakhand: कैबिनेट में चमोली की झोली फिर खाली,  लोगों में मायूसी, दस साल से नेतृत्व विहीन है जनपद

Sat, 21 Mar 2026 06:36 PM IST
Renu Saklani प्रमोद सेमवाल/लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
प्रमोद सेमवाल/लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Published by: Renu Saklani Updated Sat, 21 Mar 2026 06:36 PM IST
सार

कैबिनेट विस्तार के बाद चमोली जिले को प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जिससे लोगों में मायूसी है। चमोली जनपद दस साल से नेतृत्व विहीन है।

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Chamoli District Denied Representation in Cabinet District  Remained Without Leadership for Ten Years
सीएम धामी - फोटो : सूचना

विस्तार

उत्तराखंड में शुक्रवार को हुए कैबिनेट विस्तार के बाद चमोली जनपद के हाथ मायूसी लगी है। लंबे समय से उम्मीद की जा रही थी कि इस बार जिले को सरकार में प्रतिनिधित्व मिलेगा। मगर जिले में दो विधायक होने और कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर तीन बार विधायक बने अनिल नौटियाल को भी कैबिनेट में जगह नहीं मिली पाई है। इससे लोगों में मायूसी है।

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चमोली जनपद में बदरीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। बदरीनाथ सीट से कांग्रेस के लखपत बुटोला विधायक हैं जबकि कर्णप्रयाग और थराली में भाजपा विधायक अनिल नौटियाल व भूपाल राम टम्टा विधायक हैं। वर्ष 2012 से 17 तक बदरीनाथ से विधायक रहे राजेंद्र भंडारी कृषि मंत्री रहे। इसके बाद से जनपद को राज्य में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इससे जनता में मायूसी है।

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मोली जिले ने उप्र-उत्तराखंड कद्दावर नेता दिए
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी का कहना है कि धामी सरकार चमोली जनपद के प्रति संवेदनशील नहीं है। सरकार यहां की जनता को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखती है। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बजवाल का कहना है कि सीमांत चमोली जनपद को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था। पिछले दस वर्षों से जनपद नेतृत्व विहीन है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिहाज से चमोली को मंत्रिमंडल में जगह दी जानी चाहिए थी।
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जिले में दो विधायक होने के बावजूद कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चमोली जिले ने पहले उप्र हो या उत्तराखंड, कद्दावर नेता दिए। चमोली की कर्णप्रयाग सीट से स्व. डॉ. शिवानंद नौटियाल यूपी में मंत्री रहे जबकि डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, यूपी सहित उत्तराखंड में मंत्री रहे।

यही नहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व. एपी मैखुरी विधानसभा में उपाध्यक्ष रहे जबकि बदरीनाथ से विधायक स्व. केदार सिंह फोनिया यूपी में मंत्री रहे। इसके अलावा राजेंद्र भंडारी भाजपा और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे। मगर वर्ष 2017 और 2022 में बनी भाजपा सरकार में जिले को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।

सोशल मीडिया पर दिनभर चलती रही बहस

कैबिनेट विस्तार के बाद सोशल मीडिया पर दिनभर बहस चलती रही। चमोली को प्रतिनिधित्व न मिलने पर कुछ लोग नाराजगी जता रहे हैं तो कोई धामी सरकार पर तंज कसते दिखे। कर्णप्रयाग के दीपक चौहान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कर्णप्रयाग में लगातार तीन बार भाजपा विधायक होने के बावजूद धामी कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई है। ज्योतिर्मठ के महादीप पंवार ने लिखा कि 2024 के विधानसभा उपचुनाव में राजेंद्र भंडारी को जिताया होता तो आज जनपद को भी मंत्रीमंडल में जगह मिलती। संवाद

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मंत्रीमंडल के विस्तार पर जताई खुशी

भाजपा नेताओं ने सरकार के मंत्रीमंडल के विस्तार और खजानदास, सुरेश गड़िया, भरत चौधरी, मदन कौशिक और राम सिंह कैड़ा के मंत्री बनने पर खुशी व्यक्त की है। विधायक अनिल नौटियाल, जिला महामंत्री अरुण मैठाणी, वरिष्ठ नेता टीका प्रसाद मैखुरी, जिला मंत्री सुभाष चमोली, नगर अध्यक्ष बृजेश बिष्ट, धीरेंद्र भंडारी, हेमंत सेमवाल आदि नवनियुक्त मंत्रीपरिषद को बधाई दी है।


 

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