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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से केंद्रीय कर्मचारियों में निराशा

Thu, 30 Jun 2016 10:30 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 30 Jun 2016 10:30 AM IST
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Central government employees disappointment from seventh pay commission
Protest Shimla

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होते ही केंद्रीय कर्मचारियों ने असंतोष जताना शुरू कर दिया है।

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सिफारिशों का विरोध करते हुए दून के तमाम केंद्रीय कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतनमान 24 हजार रुपये प्रतिमाह नहीं करने और वेतन बढ़ोतरी का निर्धारण भी आशा के अनुरूप न करने को कर्मचारियों के हितों की अनदेखी बताया। पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सैनिकों को सिविल अधिकारियों के समकक्ष भत्ते नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई। सैन्य अधिकारी 31 वर्ष की सेवाओं के बाद उनकी वेतन वृद्धि थम जाने के प्रावधान को समाप्त करने की मांग कर रहे थे, जिसे आयोग ने नहीं माना है।

पीबीओआर एसोसिएशन के अध्यक्ष पैराट्रूपर शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा कि सिविल कर्मचारियों के बराबर सैनिकों का वेतन नहीं किया गया, जिसका हम विरोध करेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल एमसी भंडरी (रि)  ने कहा कि सातवें वेतन आयोग से सेना और नौकरशाही को समान वेतन और भत्त्तों का लाभ नहीं दिया गया। लंबे समय से जो असमानता चली आ रही है उसे भी दूर नहीं किया गया है।
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डिफेंस इंप्लॉयज में भारी रोष
ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लॉयज फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जगदीश छिमवाल ने कहा कि यह पहला वेतन आयोग हैए जिसकी सिफारिशों को लागू करने से पहले कर्मचारियों की संयुक्त सलाहकार समिति के साथ बैठक नहीं की गई। वहीं रक्षा अनुसंधान कर्मचारी संघ डील से ललतेश कुमार ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर सरकार को 11 सूत्री मांग पत्र दिया था। डिफेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंप्लॉयज यूनियन के सचिव ध्यान सिंह ने बताया कि वार्षिक वेतन बढ़ोतरी व प्रोन्नति संख्या समेत तमाम ऐसे बिंदु हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने नजरंदाज किया है। इसके विरोध में कर्मचारी 11 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगी।
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रेलवे में भी निराशा
नार्दर्न रेलवे मैंस यूनियन (नरमू) ने सातवें वेतन आयोग को कर्मचारी विरोधी बताते हुए 11 जुलाई से प्रस्तावित हड़ताल पर अडिग रहने का निर्णय लिया है। यूनियन के सहायक मंडल सचिव उग्रसेन सिंह और शाखा सचिव राजेंद्र सिंह गुसाई ने कहा कि कर्मचारियों को जो आशंका थी केंद्र सरकार ने वही काम किया। नई पेंशन स्कीम, एफडीआई और आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी विरोधी फैसले लिए गए हैं। इसके विरोध में देशव्यापी आंदोलन और हड़ताल में पूरे रेलकर्मी भाग लेंगे।


पैटर्न देखने के बाद करेंगे विचार - सीएम
सीएम हरीश रावत ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ राज्य कर्मचारियों को भी दिए जाने पर कहा कि वह पहले केंद्र के लागू नए वेतनमान का पैट्रन देखेंगे। उसकी कापी उपलब्ध होने के बाद राज्य कर्मचारियों को किस तरह से वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ दिया जाना है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रवक्ता अरुण पांडेय ने राज्य सरकार से राज्य कर्मचारियों को भी सातवां वेतन आयोग का लाभ देने की मांग की है। पांडेय ने कहा कि सीएम ने सम्मेलन में वायदा किया था कि केंद्र सरकार के लागू करते ही राज्य में इसे राज्य में भी लागू कर दिया जाएगा।

Published By : Nirmala Suyal

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