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पीड़ित महिलाओं के लिए उत्तराखंड में होगा अपना 'घर'
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 21 Aug 2016 02:33 AM IST
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हरीश रावत से मेनका गांधी की मुलाकात
- फोटो : AmarUjala
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से शनिवार को शिष्टाचार भेंट के दौरान राज्य की पीड़ित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा। कठिन परिस्थितियों, घरेलू हिंसा या अन्य कारणों से पीड़ित महिलाओं के इस सेंटर में ठहरने के साथ-साथ सभी आवश्यक सुविधाएं होंगी।
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इसके लिए केंद्र सरकार 36 लाख रुपये का सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने उनको आश्वस्त किया कि राज्य सरकार देहरादून या हल्द्वानी में ऐसे सेंटर मंजूरी देगी।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच महिला व बाल विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आईसीडीएस के तहत केंद्र से अधिक धनराशि दिलाए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि महिलाओं में एनीमिया की समस्या को ध्यान में रख राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क मंडुआ, नमक, काला सोयाबीन वितरित किया जा रहा है। राज्य सरकार बाल विकास के लिए आंगनबाड़ियों के माध्यम से विभिन्न योजनाएं चला रही है।
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मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जंगली जानवरों का इंसानी बस्तियों में प्रवेश रोकने के लिए राज्य सरकार ने कई उपाय किए हैं। वन क्षेत्रों में फलदार पौधों का रोपण, परंपरागत फलों, फसलों के बीजों का वनों में छिड़काव, एक हजार जलाशयों, 10 हजार ट्रेंचेस का निर्माण जैसे पर्यावरण हितैषी उपाय अपनाए गए हैं। उन्होंने मेनका गांधी को हल्द्वानी, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी आदि में स्थापित स्थानीय खरगोशों के ब्रीडिंग सेंटर के बारे में भी बताया। बैठक में देहरादून के मेयर विनोद चमोली भी उपस्थित थे।
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