स्मार्ट सिटी पर केंद्र देहरादून से नाराज
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में लोगों की बेहद कम भागीदारी यानी सिटीजन कंसलटेशन (नागरिक सुझाव) पर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। विशेषज्ञों ने कहा है कि जनसहभागिता और जनभावनाओं के अनुसार शहर तैयार करने के लिए ही अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की व्यवस्था की गई थी तो ऐसा क्यों नहीं किया गया?
सोमवार को नई दिल्ली में शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सभी 98 शहरों के प्रोजेक्ट का बिंदुवार मूल्यांकन परिणाम जारी किया गया। सबसे पहले टॉप-20 में चुने गए शहरों के प्रोजेक्ट का परिणाम जारी किया गया।
अन्य शहरों के नोडल अधिकारियों को इन प्रोजेक्ट के बेहतर बिंदुओं को समझने और उसके आधार पर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। दूसरे चरण में टॉप-20 की दौड़ से बाहर हो चुके देहरादून समेत उन शहरों के प्रोजेक्ट आए, जिन्हें अतिरिक्त मौका दिया गया है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना में देहरादून के पिछड़ने का एक प्रमुख कारण स्थानीय लोगों की बेरुखी रही है। चाय बागान में स्मार्ट सिटी बनाने के निर्णय पर स्थानीय लोगों का विरोध बढ़ने के कारण अधिकतर लोगों ने प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं ली। इसके अलावा जन विरोध के तीखे स्वर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंचे।
दूसरी ओर, प्रोजेक्ट तैयार करने वाली कंसलटेंसी कंपनी की लापरवाही भी सामने आई है। कंपनी ने लोगों से लिए फीडबैक को माई गोव वेबसाइट पर अपलोड ही नहीं किया। इस वजह से दून को टॉप-20 की दौड़ से बाहर होना पड़ा।
बड़ी लापरवाही, धरे रह गए 70 हजार फीडबैक
स्मार्ट सिटी मामले में प्रोजेक्ट तैयार करने वाली कंसलटेंसी की बड़े स्तर पर लापरवाही सामने आई है। कंपनी प्रतिनिधि यह समझने में नाकाम रहे कि सिटीजन कंसलटेशन किस तरह लेकर केंद्र सरकार को देना है। शहरभर से 80 हजार से अधिक लोगों ने अपना सुझाव दिया, लेकिन इसमें से केवल 10 हजार ही माई गोव वेबसाइट के जरिये सरकार तक पहुंचे।
डिटेल्ट प्रोजेक्ट में रही खामी
सिटीजन कंसलटेशन कंपनी के अलावा डिटेल्ड प्रोजेक्ट में भी खामी रही। प्रोजेक्ट के जरिये नोडल एजेंसी यह समझाने में नाकाम रही कि जो काम वह करने जा रहे हैं, इससे लोगों को क्या फायदा होगा। योजनाओं का क्रियान्वन कैसे होगा और उससे कैसे लाभ होगा, यह भी ठीक से नहीं समझाया जा सका।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार हम नए सिरे से शुरूआत करेंगे। पहले ओपिनियन पोल और सिटीजन कंसलटेशन पर फोकस किया जाएगा। लोगों से सीधे MY GOV वेबसाइट पर फीडबैक देने की अपील की जाएगी। संशोधित प्रोजेक्ट में त्रुटियों में सुधार किया जाएगा।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी