CBSE NEET Result 2018: हौसलों से लिखी इबारत, कंडक्टर का बेटा बनेगा डॉक्टर
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पिता ने मेहनत से बच्चे को पढ़ाया तो बेटा भी डॉक्टर बनने जा रहा है। हम बात कर रहे हैं कंडक्टर रहे ओम प्रकाश डोभाल के बेटे आयुष डोभाल की।
आयुष ने नीट में 507 अंक हासिल किए हैं। दो साल की मेहनत के बाद उन्होंने यह स्कोर किया है। गत वर्ष वह महज दो अंक से एमबीबीएस सीट से वंचित रह गए थे।
आयुष के पिता ओम प्रकाश ने काफी लंबे समय तक सोशल बलूनी स्कूल में कंडक्टर का काम किया। उनका सपना था कि बेटे को आगे बढ़ाएं।
बलूनी क्लासेज से उन्होंने निशुल्क कोचिंग की
आयुष ने एसजीआरआर रेसकोर्स से 76 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं करने के बाद 79.2 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की थी। इसके बाद उन्हें डॉक्टर बनना था लेकिन कोचिंग का पैसा नहीं था।
बलूनी क्लासेज से उन्होंने निशुल्क कोचिंग की। गत वर्ष नीट में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन सीट नहीं मिल पाई थी। इस साल दोबारा कोशिश शुरू की। नतीजतन 507 अंक हासिल किए हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट मिल जाएगी।
आयुष का सपना डॉक्टर बनकर प्रदेश की सेवा करना है। उनके शिक्षक विपिन बलूनी का कहना है कि मेहनत करने वालों की राह कोई नहीं रोक सकता है। आज आयुष का नतीजा, इसी का परिणाम है।