CBI ने शुरू की रावत के स्टिंग की जांच, स्टिंग करने वाले से पूछताछ
- - एजेंसी ने पीई दर्ज कर स्टिंग करने वाले शख्स उमेश कुमार से की लंबी पूछताछ
- - कांग्रेस के कुछ बागी विधायकों को भी पूछताछ के लिए किया जा सकता है तलब
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सीबीआई ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर हुए स्टिंग ऑपरेशन की जांच शुरू कर दी है। राज्य सरकार के अनुरोध पर एजेंसी ने शुक्रवार को प्रीलिमनरी एंक्वायरी (पीई) यानी प्राथमिकी दर्ज की।
इसमें स्टिंग करने वाले शख्स उमेश कुमार को नामजद किया गया है। पीई दर्ज करने के बाद सीबीआई ने उमेश कुमार से दिल्ली में लंबी पूछताछ की। इस मामले में कांग्रेस के कुछ बागी नेताओं को भी पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय तलब किया जा सकता है।
पीई के आधार पर की गई जांच में अगर सीबीआई को पुख्ता साक्ष्य मिलते हैं तो इस मामले में रेगुलर केस (आरसी) यानी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
स्टिंग के बाद राज्य में लग गया था राष्ट्रपति शासन
पिछले महीने उत्तराखंड में उपजे राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस के बागी विधायकों ने स्टिंग ऑपरेशन का एक टेप सार्वजनिक किया था। इसमें हरीश रावत को कथित तौर पर बागी कांग्रेस विधायकों की वापसी के लिए पैसे की पेशकश करते दिखाया गया है।
रावत ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की शह पर की गई कार्रवाई बताते हुए टेप को नकली करार दिया था। इन्हीं घटनाक्रम के बीच राष्ट्रपति ने राज्यपाल की अनुशंसा पर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया।
राज्यपाल ने रिपोर्ट दी थी कि कांग्रेस बागी विधायकों की वापसी के लिए बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त में लगी है। इससे पहले विधानसभा स्पीकर गोविंग सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी।