फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cattle died by eating toxic weed.

जहरीली घास खाने से दर्जन भर से ज्यादा मवेशी मरे

Thu, 16 Jul 2015 10:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Thu, 16 Jul 2015 10:20 AM IST
विज्ञापन
cattle died by eating toxic weed.

उत्तरकाशी के डोडीताल के निकट मांझी एवं मोरापड़ा की छानियों में जहरीली वनस्पति के सेवन से एक दर्जन से ज्यादा मवेशियों के मरने की सूचना है। उधर, बेलख बुग्याल की छानियों में भी कुछेक पशुओं के मरने की बात कही जा रही है। इस पर पशुपालन विभाग ने ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए टीम रवाना करने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन


अगोड़ा के प्रधान चंद्रलाल, संजय पंवार आदि ने बताया कि घास एवं चारा पत्ती के बीच खरसू के बीज खाने से एक दर्जन मवेशी मर गए हैं।

मांझी में जगदीश पंवार, हिकमत सिंह, जयेंद्र सिंह, सरत सिंह रावत, गजेंद्र सिंह, जयवीर आदि की गाय, विजेंद्री देवी, प्रथम सिंह के बैल तथा प्रकाश सिंह का एक बैल और एक घोड़े के बच्चे की मौत हो चुकी है।

विज्ञापन

मवेशी के मरने से ग्रामीणों में घबराहट

cattle died by eating toxic weed.

उधर, मोरापड़ा की छानियों में भी हरदेव सिंह समेत अन्य ग्रामीणों के पशु जहरीली वनस्पति खाने से मर चुके हैं। कठूड़ क्षेत्र के बेलख बुग्याल में भी ठांडी गांव के इंद्र सिंह की गाय तथा सोबत सिंह के बैल की मौत हुई है।

मवेशियों के मरने से ग्रामीणों में घबराहट है। गौरतलब है कि पहाड़ में मवेशी स्थानीय लोगों की बड़ी जरूरत हैं। छोटी जोत औक पहाड़ में खेतों की बनावट के चलते जुताई का अधिकांश काम भी इनसे ही लिया जाता है।

डॉक्टर का कहना
जागरूकता से ही इससे बचा जा सकता है। बृहस्पतिवार को भंकोली के पशु चिकित्सक डॉ. अंकित कुमार के नेतृत्व में टीम को मांझी भेजा जा रहा है। इसके बाद ही मरने वाले पशुओं की वास्तविक संख्या और मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
0-डॉ. हिमांशु पांडेय, उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed