इमरजेंसी में निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे मरीज, बस करना होगा ये काम
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अटल आयुष्मान योजना में शामिल कोई भी व्यक्ति, गंभीर दुर्घटना, हार्टअटैक या अन्य किसी इमरजेंसी में पास के किसी भी निजी अस्पताल में उपचार करवा सकेगा। भले ही अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध न हो, वह मरीज का उपचार करने से इनकार नहीं कर सकेगा।
बाद में सरकार अस्पताल को इस योजना के तहत निर्धारित दरों के अनुसार उपचार का भुगतान करेगी। स्वास्थ्य सचिव नितेश झा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर शीघ्र ही इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस इसके लिए आपको सबसे पहले अपना कार्ड बनवाना होगा।
अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत प्रदेश सरकार ने सभी परिवारों को पांच लाख रुपये तक के सालाना निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान कर दी है। इसके लिए डेढ़ सौ से अधिक सरकारी व निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध भी किया जा चुका है।
हालांकि कई बड़े निजी अस्पताल अब तक सूचीबद्ध नहीं हुए हैं। बावजूद इसके वह अस्पताल इमरजेंसी में मरीजों का कैशलेस इलाज करने से इनकार नहीं कर सकेंगे। प्रदेश सरकार योजना में यह नया प्रावधान जोड़ने जा रही है।
इसके अनुसार इमरजेंसी में मरीजों को पास के किसी भी निजी अस्पताल में बिना पैसे दिए उपचार पाने की सुविधा होगी। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की नियमावली में सरकार इसे अनिवार्य शर्त के रूप में जोड़ने जा रही है।
दुर्घटना के मामले में सुप्रीम कोर्ट के पहले से ही निर्देश हैं कि कोई भी अस्पताल किसी घायल के उपचार से इनकार नहीं कर सकता। स्वास्थ्य विभाग, सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों का भी अध्ययन करवा रहा है।
नहीं कर पाएंगे मनमानी बिलिंग
निजी अस्पताल इमरजेंसी में उपचार करने पर योजना के लाभार्थी मरीज से कोई पैसा नहीं लेंगे। इसके अलावा वह मनमानी बिलिंग कर सरकार से भी ज्यादा पैसा नहीं ले पाएंगे। सरकार केवल उतने ही पैसे का भुगतान करेगी, जितना उस बीमारी के मामले में पैकेज में निर्धारित किया गया है।
गंभीर दुर्घटना, हार्टअटैक या अन्य इमरजेंसी में योजना में शामिल मरीज पास के किसी भी निजी अस्पताल में उपचार करवा सकेगा। अस्पताल मरीज को भर्ती करने या उपचार करने से इनकार नहीं कर सकेगा। बाद में सरकार अस्पताल को निर्धारित दरों के अनुसार भुगतान करेगी। योजना में इसे जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
-नितेश झा, सचिव, स्वास्थ्य