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नाकामी को हौसला बना अंकिता ने भरी उड़ान 

Fri, 08 Jul 2016 06:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 08 Jul 2016 06:59 PM IST
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AIPMT topper ankita pandey struggle story
AIPMT topper ankita pandey

गत वर्ष तैयारी करने के बावजूद मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में नाकाम रहने वाली अंकिता पांडेय की कहानी काफी प्रेरणादायक है। अंकिता ने पिछले साल एआईपीएमटी सहित कई परीक्षाओं में अच्छी रैंक नहीं आने पर भी हौसला नहीं हारा। एक साल की मेहनत ने उनका कॅरियर बना दिया।

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मूल रूप से अल्मोड़ा के नौला गांव और दून में अजबपुर खुर्द निवासी श्री लक्ष्मण विद्यालय में कॉमर्स शिक्षक कैलाश चंद्र पांडेय की सबसे छोटी बेटी अंकिता ने नाकामी से हार नहीं मानी। गत वर्र्ष एआईपीएमटी और एम्स जैसी परीक्षाओं में अच्छी रैंक नहीं आने के बावजूद अंकिता ने एक साल तैयारी करने की ठानी।
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जमकर तैयारी की और इस साल सफलताएं उनकी झोली में हैं। अंकिता ने जीबी पंत विवि की प्रवेश परीक्षा में प्रदेश टॉप किया है। उन्होंने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की परीक्षा में ऑल इंडिया 226 रैंक लाकर इंटरव्यू भी दे दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही उनका चयन हो जाएगा।
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अंकिता ने अब एम्स की प्रवेश परीक्षा में 873वीं रैंक हासिल की है। नीट-1 से भी अंकिता को बड़ी उम्मीदें हैं। एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स से 10 सीजीपीए के साथ 10वीं और 93.8 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण करने वाली अंकिता ने बताया कि उनका बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना है। वह गरीब जरूरतमंदों की मदद करना चाहती हैं। अंकिता की मां दीपा पांडेय भी उनकी इस कामयाबी से खुश हैं।

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