लिखित प्रस्ताव भेजिए, जो चाहिए मिलेगा: राजनाथ
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देहरादून आए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी खूबसूरती के साथ नई योजनाओं और प्रस्तावों पर गेंद राज्य सरकार के पाले में डाल दी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी आवश्यकता बताए और लिखित में प्रस्ताव भेजे। केंद्र राज्य को हर तरह से मदद के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ में खतरे की जद में आ चुके गांवों के विस्थापन में केंद्र की तरफ से विलंब नहीं होगा, इसके लिए राज्य को प्रक्रिया पूरी करके ब्लू प्रिंट केंद्र को भेजना होगा।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि आंतरिक सुरक्षा के लिए उत्तराखंड बॉर्डर पर सुरक्षा के बंदोबस्त और कड़े किए जाने की जरूरत है।
आवश्यकताओं का एक मास्टर प्लान बनाकर भेजें
एक सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को चीन अथवा किसी की धमकी से डरने की जरूरत नहीं, हम अपनी सुरक्षा के लिए सक्षम हैं।
कश्मीर समस्या के बारे में उन्होंने कहा कि इसे संविधान और इंसानियत के दायरे में हल होना चाहिए। योजनाओं की समीक्षा करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि मैं उत्तराखंड से पूरी तरह वाकिफ हूं।
पिछले कई सालों में आपदा से काफी नुकसान हुआ है। जान माल की बड़े पैमाने पर हानि होने का झटका बहुत बड़ा होता है। लेकिन मैंने मुख्यमंत्री से कहा है कि राज्य की आवश्यकताओं का एक मास्टर प्लान बनाकर भेजें, पूरी मदद होगी।
सीमा पर सुरक्षा पुख्ता किए जाने की जरूरत
देश का विकास तभी होता है जब राज्य मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापन के लिए गांवों की विस्तृत रिपोर्ट भेजें इस मामले में भी पूरी मदद होगी।
गृह मंत्री ने कहा कि रिव्यू मीटिंग में पाया गया कि नेपाल और चीन से सटी सैकड़ों किमी की सीमा पर सुरक्षा पुख्ता किए जाने की जरूरत है। इसके लिए तैयारी शुरू भी कर दी है।
माओवादी गतिविधियों को रोकने के लिए भी प्रदेश में केंद्र ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करने की शुरूआत कर दी है। पत्रकार वार्ता केदौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश के गृह मंत्री प्रीतम सिंह, खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को बताई जरूरतें
रिव्यू मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय गृहमंत्री को प्रदेश की जरूरतों से अवगत कराया। मीडिया से मुखातिब हरीश ने कहा कि सभी समस्याएं बताई हैं।
गृहमंत्री खुद ही उत्तराखंड की स्थिति से वाकिफ हैं। हमने उन्हें बताया है कि अगले वर्ष अर्धकुंभ भी होना है, उसके लिए मानव संसाधन पैसे की जरूरत होगी। रेवेन्यू पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए भी मदद मांगी।
मुख्यमंत्री ने दिए ये प्रस्ताव
- पहाड़ में सड़क निर्माण के लिए ज्यादा धनराशि मिले
- रेवेन्यू पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए मिले मदद
- रेगुलर पुलिस व जेलों के लिए चाहिए ज्यादा संसाधन
- टनकपुर-जौलजीबी मार्ग का निर्माण जल्द कराया जाए