देहरादून पहुंचे जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, सीएए, एनआरसी को जनता के खिलाफ बताया काला कानून
- परेड ग्राउंड में चल रहे धरने को समर्थन करने पहुंचे जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष बीजू कृष्णन
- धरने के छठे दिन भी एसएफआई सहित कई संगठनों ने दिया धरने को समर्थन
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) देश की जनता के खिलाफ काला कानून है। परेड ग्राउंड में चल रहे धरने के छठे दिन पहुंचे जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष बीजू कृष्णन ने यह बात कही।
वह स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की ओर से धरने को समर्थन देने पहुंचे थे। परेड ग्राउंड में छठे दिन शनिवार को भी मुस्लिम सेवा संगठन सहित विभिन्न संगठनों की ओर से सीएए, एनआरसी के विरोध में धरना जारी रहा।
जनगीत गाकर सभी को एकजुट होने का आह्वान
पूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णन ने कहा कि सरकार ने सोची समझी नीति के तहत इस काले कानून को देश की जनता के ऊपर थोपा है। उन्होंने कहा कि यह कानून धर्मनिरपेक्षता व संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत है। इस दौरान जनगीत गाकर सभी को एकजुट होने का आह्वान किया गया।
एसएफआई की राज्य कमेटी ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, सचिव हिमांशु चौहान, सुप्रिया भंडारी, शैलेंद्र, अफसीन, हितेश, मनोज, नासिर, अनंत, आकाश, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लेखराज, रजिया बेग, नवीन कुरैशी, आसिफ हुसैन, मुददमीन, जावेद खान, रईस अहमद, दानिश कुरैशी, रईस फातिमा सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद थे।