देहरादून: ओवरटेक करते वक्त पलटी सवारियों से भरी सिटी बस, 15 लोग बुरी तरह घायल
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देहरादून डोईवाला मार्ग पर मणिमाई मंदिर जंगल के पास ओवरटेक करते हुए सिटी बस पलट गई, जिसके कारण 15 लोग घायल हो गए। 108 आपातकालीन सेवा से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला लाया गया, जहां से गंभीर घायल छह लोगों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
कोतवाली ओमवीर सिंह रावत ने बताया कि करीब ढाई बजे देहरादून की ओर से सिटी बस डोईवाला की ओर आ रही थी। इसी बीच से एक अन्य सिटी बस तेज रफ्तार से आगे चल रही बस को ओवरटेक करने लगी तो बस चालक से अनियंत्रित होकर एक ओर खड्ड में जाकर पलट गई।
सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवा 108 मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला में भरती कराया गया। पुलिस ने बताया कि दीपांशु 14 पुत्र श्रीनिवास उनियाल डोईवाला, सिद्धार्थ उनियाल 16, अनुष्का शर्मा 23 पुत्री अनिरुद्ध सोलंकी जौलीग्रांट, निर्मल सिंह पुत्र विजय पाल सिंह चौक बाजार डोईवाला, गौरव ठाकुर 17 पुत्र देशराज डोईवाला, मानसी सैनी 18 पुत्री हरि खता रोड डोईवाला, कुंवर सिंह 63 पुत्र सुंदर सिंह निवासी मिस्सरवाला डोईवाला, पार्वती 40 पत्नि रमेश डोईवाला, कांता देवी 40 पत्नी दयाल सिंह निवासी डोईवाला को हल्की चोटें आई हैं।
सवारियां उठाने को चलती है जद्दोजहद
वहीं गंभीर हालत होने पर मुकेश 25 पुत्र आत्माराम निवासी सत्तीवाला डोईवाला, संतोष सिंह 30 पुत्र प्रेम बहादुर सिंह निवासी भानियावाला, नवेद रहमान 23 पुत्र अफसर हुसैन निवासी खेड़ा नवादा बरेली उत्तर प्रदेश, शमीम अहमद 32 पुत्र सूखा अहमद निवासी चांदमारी डोईवाला, भावना 27 पत्नि अभय कुमार निवासी डोईवाला के अलावा सुनीता 35 पत्नि मनोरथ निवासी विस्थापित अठूरवाला को जौलीग्रांट हिमालयन अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
सवारियां उठाने को चलती है जद्दोजहद
सिटी बस चालक सवारियां उठाने के चक्कर में सवारियों की जान से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। देहरादून शहर से विभिन्न क्षेत्रों के लिए समय अंतराल पर सिटी बस लगाई गई हैं। मानक से अधिक सवारियों को बैठने से लेकर सीमा से अधिक गति से सिटी बसों को चलते हुए देखा जा रहा है। नंबर लिखाकर अधिक चक्कर लगाने की होड़ के चलते सवारियों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। जबकि क्षेत्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, स्कूली बच्चे इन बसों से अधिक आवाजाही करते हैं। पुलिस की ओर से भी कार्रवाई नहीं होने से सिटी बस चालकों के हौसले बुलंद हैं।