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चिल्लाने पर भी बदनीयत ड्राइवर ने नहीं रोकी बस फिर शिक्षिका ने इस तरह बचाई जान

Fri, 08 Dec 2017 11:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 08 Dec 2017 11:52 AM IST
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bus driver tried to misbehave in Women
बस - फोटो : file photo
देहरादून में सिटी बस में प्रेमनगर से देहरादून आ रही एक शिक्षिका की जागरुकता की बदौलत बड़ी अनहोनी टल गई है,  लेकिन इस घटना ने उत्तराखंड में महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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शिक्षिका की जागरुकता की बदौलत बड़ी अनहोनी टल गई है। आरोप है कि चालक ने बदनीयती से उन्हें बल्लूपुर चौक उतारने के बजाए बस दौड़ा दी। चिल्लाने पर भी बस नहीं रुकी तो शिक्षिका ने पुलिस से मोबाइल पर बात होने का डर दिखाया, तब जाकर चालक ने बस रोकी।
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पीड़िता ने ट्वीट कर अपनी पीड़ा सीएम से साझा की तो सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिला एसएसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस आरोपी चालक और परिचालक की तलाश में जुट गई है।
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प्रेमनगर और देहरादून मार्ग पर दून निवासी एक शिक्षिका के साथ सिटी बस में हुई घटना से दून में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित शिक्षिका ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को ट्वीट कर तीन दिसंबर को अपने साथ हुई अनहोनी का विस्तार से हवाला दिया। बताया कि वाक्या शाम साढ़े छह बजे के करीब का है।

वह प्रेमनगर से बल्लूपुर चौक के लिए सिटी बस में सवार हुई थीं। कंडेक्टर को किराया देकर अपने स्टॉप की जानकारी दी थी। उस समय बस में 10 के करीब यात्री सवार थे, जिनमें से कई वसंत विहार के पास उतर गए।
 

मुख्यमंत्री को ट्वीट कर बताई घटना, सुरक्षा को लेकर किए सवाल

bus driver tried to misbehave in Women
trivendra singh rawat

बल्लूपुर में उतरने के लिए वह पहले ही सीट से खड़ी हो गई थीं। आरोप है कि चालक बस को नीचे ले जाने के बजाए फ्लाई ओवर के ऊपर से तेज रफ्तार में ले गया। कंडक्टर से बस रुकवाने को कहा तो वह चुप्पी साधे खड़ा रहा। वह बस रुकवाने के लिए चिल्लाईं, तो बस की स्पीड और तेज हो गई।

पीड़िता ने बताया कि स्पीड डायल पर पहला नंबर डायल कर उन्होंने कहा कि वह अपने पापा को कॉल कर रही हैं, मगर चालक-परिचालक बेअसर रहे। इसपर उन्होंने कहा कि मैं पुलिस को कॉल कर रही हूं, दुर्भाग्य से काल नहीं लगी। लेकिन उन्होंने ऐसे बात करनी शुरू कर दी जैसे कि पुलिस को लोकेशन बता रही हों। यह देखकर कंडेक्टर चिल्लाया तो चालक ने किशननगर चौक के पास बस रोक दी।

बस रुकते ही वो नीचे उतर गईं। उन्होंने बताया कि अंधेरा होने के कारण वह बस का नंबर नहीं देख सकीं। चालक भी तेजी से बस लेकर भाग गया। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि बस में अन्य लोग भी सवार थे, मगर कोई भी उनके पक्ष में नहीं बोला।

उन्हें नहीं पता कि बस में मौजूद अन्य लोग चालक-परिचालक के परिचित थे या नहीं। पीड़िता ने लिखा है कि कुछ लोग उनकी ही गलतियां निकालकर उनके माता-पिता को शर्मिंदा कर रहे हैं। लिखा कि मैं चाहती हूं कि दोषियों को जेल भेजा जाए।

मुख्यमंत्री ने किया यह दिया जवाब
अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि मैंने यह पूरा घटनाक्रम दो बच्चियों के पिता होने के भाव से पढ़ा है। मैं वैसा ही महसूस कर रहा हूं जैसा कि तुम्हारे पिता करते। मुख्यमंत्री होने के नाते मैं तुम्हें भरोसा दिलाता हूं कि किसी प्रकार की चिंता मत करो। मैंने एसएसपी देहरादून को यह मामला सौंप दिया है।

मुख्यमंत्री के ट्वीट का संज्ञान लेकर पीड़िता से बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई है। तहरीर के आधार पर कैंट इंस्पेक्टर को सिटी बस के चालक और परिचालक का पता लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही दोषियों को चिहिंत कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- निवेदिता कुकरेती, एसएसपी

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