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बस चालक 22 यात्रियों की मौत का दोषी करार

Mon, 02 Jun 2014 09:36 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 02 Jun 2014 09:36 PM IST
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bus accident on mussorie road in 2011

मसूरी घूमने आए 22 यात्रियों की बस खाई में गिरने से हुई मौत का दोषी बस चालक करार दिया गया है। बस तेज चलाने से मना करने पर चालक बस को खाई की ओर मोड़ खुद कूदकर भाग निकला था।

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इस हादसे में 23 पर्यटक घायल हुए थे। अदालत मंगलवार को दोषी चालक को सजा सुनाएगी। पांच जनवरी 2011 को हरिद्वार व्यापार मंडल से जुड़े कुछ व्यापारी परिजनों संग मसूरी घूमने आए थे।
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उन्होंने हरिद्वार से बस बुक की थी, जिसे राकेश निवासी उत्तरकाशी चला रहा था। रात आठ बजे बस मसूरी से हरिद्वार के लिए निकली। कोल्हूखेत के पास बस 40 फीट खाई में जा गिरी थी।
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घायल यात्रियों का आरोप था कि बस चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ। उनका कहना था कि कोल्हूखेत के पास उसने बस खाई की ओर मोड़ दी और खुद कूदकर भाग निकला था। अगले दिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

कोर्ट सुनाएगी सजा

bus accident on mussorie road in 2011

सोमवार को जिला जज राम सिंह की अदालत में हुई सुनवाई में अभियोजन की ओर से गवाह हरीश वाधवा ने बताया कि मसूरी से लौटते वक्त चालक राकेश बस को बहुत तेज गति से दौड़ा रहा था।

वाधवा के मुताबिक उन्होंने और अन्य व्यापारियों ने जब उसे धीरे चलाने के लिए कहा तो उसने जवाब दिया कि ‘मैं ड्राइवर हूं, बस चलाना जानता हूं। बस ऐसे ही चलेगी।’ इसके कुछ देर बाद ही बस खाई में जा गिरी।

बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बीएस नेगी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बस चालक की लापरवाही से हादसा हुआ और कई लोगों की जान गई। दोषी को सख्त सजा दी जाए।
अदालत ने राकेश को दोषी करार दे दिया। इसके तुरंत बाद जमानत पर चल रहे राकेश को कस्टडी में ले लिया गया।

नहीं थी तकनीकी खराबी

bus accident on mussorie road in 2011

मामले में आरटीओ दून में तैनात आरआई रामप्रकाश की गवाही अहम रही। उन्होंने हादसे के बाद बस का तकनीकी निरीक्षण किया था। रामप्रकाश ने अदालत को बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो वाहन उलटा पड़ा था।

बस का स्टीयरिंग ठीक था, ब्रेक भी ठीक थे, टायर और बैटरी भी अच्छी स्थिति में थे। सिर्फ गाड़ी की बॉडी टूटी हुई थी। यानी हादसा तकनीकी खराबी से नहीं हुआ था।

इनकी हुई थी मौत
वैभव, आकांक्षा, तरुण, दिशा, वरुण, संजय, बलराम, मुनमुन, नूपुर, ऋषभ, पूनम, धन देवी, रूबी, सोनिया वाधवा, निशान वाधवा, भाव्या, सोनू वाधवा, महेश, भूमि और अनेश गोयल
(सभी निवासी हरिद्वार)

चालक पर जिस धारा में आरोप साबित हुआ है उसमें उसे दस साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। यह हत्या की श्रेणी में न आने वाला मानव वध है।
-चंद्रशेखर तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता

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