देहरादून: गांव में अचानक आने लगी पुलिस की गोलियां, मची भगदड़
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देहरादून के अनारवाला फायरिंग रेंज में पुलिस अभ्यास के दौरान गोलियां आबादी की तरफ आने से अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों के विरोध के चलते पुलिस का फायरिंग अभ्यास बीच में रोकना पड़ा।
अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौके पर गोली आने का कोई साक्ष्य नहीं मिल सका। बता दें कि कई साल पहले भी फायरिंग रेंज से निकली गोलियां लगने से दो ग्रामीणों की मौत हो गई थी।
अनारवाला स्थित फायरिंग रेंज पर शुक्रवार को दून पुलिस सालाना अभ्यास कर रही थी। इस दौरान कुछ गोलियां पास के ही चोरा गांव तक पहुंच गईं। गांव के मंदिर में दोपहर तीन बजे के करीब कीर्तन चल रहा था।
एक के बाद एक तीन गोलियां आने से श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई। दहशत में लोग अंदर की तरफ छुप गए। कुछ देर में शोर-शराबा मच गया। सूचना पाते ही पंचायत सदस्य भारती जावडी, बचन सिंह और दीपक पुंडीर वहां आ गए।
जमीन में धंसी हैं गोलियां, दो की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों ने फायरिंग रेंज पहुंचकर विरोध जताया। विरोध के चलते पुलिस फायरिंग को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी।
ग्रामीणों ने बताया कि गोलियां जमीन में धंसी हैं। उन्होंने सुरक्षा चक्र बनाए बिना फायरिंग पर रोक लगाए जाने की मांग की। चार साल पहले भी फायरिंग रेंज पर अभ्यास के दौरान गोली लगने से दो लोगों की मौत हो चुकी है।
कैंट कोतवाली प्रभारी नरेंद्र गहलावत ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिलते ही एहतियात के तौर पर फायरिंग रोक दी गई थी। लोगों के बयान भी दर्ज किए गए, लेकिन गोली आने का कोई साक्ष्य नहीं मिल सका।