उत्तराखंड: लगातार हो रही बारिश से देहरादून में गिरी इमारत, राज्य में हुई पांच लोगों की मौत
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राजधानी देहरादून में लगातार कई घंटों से हो रही बारिश से एक पुरानी इमारत जमींदोज हो गई। वहीं दो अलग-अलग हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई।
सोमवार की सुबह साढ़े सात बजे यह इमारत भर-भराकर गिर गई। हालांकि उस वक्त इमारत में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटना स्थल का जायजा लिया। बता दें कि पिछले कई घंटों से राजधानी देहरादून सहित आसपास के अधिकतर इलाकों में हो रही बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है।
उत्तरकाशी में यमुनोत्रीधाम सहित यमुनाघाटी में रविवार को रातभर बारिश होती रही। यमुनोत्री हाईवे सोमवार की सुबह भी डाबरकोट जगलचट्टी में अवरुद्ध बना हुआ है। बारिश के कारण धाम सहित आसपास के गांवों में रविवार की रात से अंधेरा पसरा हुआ है।
ऋषिकेश में गंगा ने पार की चेतावनी रेखा
लगातार हो रही बारिश से ऋषिकेश में गंगा ने चेतावनी रेखा को पार कर दिया है। रविवार रात यहां गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से आधा मीटर नीचे था। जो सोमवार की सुबह चेतावनी रेखा पार कर गया। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।
बाढ़ ग्रस्त रायवाला के गौहरिमाफी गांव में 4 दिन पहले सौंग नदी व सुसवा नदी के उफान पर आने से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। अब एक बार फिर नदियों जलस्तर बढ़ने पानी गांव की ओर बढ़ने लगा है।
पिछले पांच दिनों से ग्रामीण गौहरिमाफी गांव में कैद हैं। अब वहां बिजली, राशन, पानी जैसे जरूरी सामानों का संकट बढ़ गया है। यहां बाढ़ की चपेट में एक मकान की दीवार गिर गई है। जबकि कई दर्जन घरो में पानी घुस चुका है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर राहत सामग्री नहीं पहुंचने का आरोप लगाया है।
बारिश के कहर से पांच की मौत, कैलाश यात्रा मार्ग पर पुल बहा
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में स्थित नजंग नदी में बनाया गया लकड़ी का कच्चा पुल बह गया है। पुल के बहने से व्यास घाटी का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। धारचूला तहसील मुख्यालय से 49 किमी की दूरी पर स्थित नजंग नदी में 60 फीट ऊंचा पक्का पुल दो जुलाई की रात को आई भीषण आपदा में बह गया था। कैलाश यात्रा रूट में स्थित इस पुल में आवाजाही के लिए लकड़ी का कच्चा पुल बनाया गया था। यह पुल भी शनिवार को नजंग नदी के उफान पर आने से बह गया है। अब यहां पर आवाजाही के लिए कोई साधन नहीं है।
दुगड्डा में तीन और अल्मोड़ा में दो लोगों की मौत
रविवार को पौड़ी जिले के दुगड्डा क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे एक बोल्डर ने तीन लोगों की जान ले ली। वहीं अल्मोड़ा में देघाट से रामनगर की तरफ जा रही मारुति ईको कार सल्ट तहसील के देघाट-भतरौंजखान-मछोड़ मोटर मार्ग पर सौराल के पास खाई में गिर गई। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।
डाडामंडी से सवारियां लेकर दुगड्डा आ रही मैक्स के ऊपर पहाड़ी से बोल्डर आ गिरा, जिससे मैक्स अनियंत्रित होकर बरसाती नदी में जा गिरी। हादसे में चालक समेत एक किशोरी और एक महिला की मौत हो गई। दूसरी ओर, अल्मोड़ा हुई दुर्घटना में कार के परखचे उड़ गए। मारुति ईको कार (यूपी-25-बीए-0367) देघाट से रामनगर की तरफ जा रही थी। दस किमी आगे देघाट-भतरौंजखान-मछोड़ मोटर मार्ग पर सौराल के पास कार ढलान पर अनियंत्रित होकर सड़क से 200 मीटर नीचे खाई में जा गिरी। दुर्घटना में भुवनराम (45) पुत्र शंकरराम निवासी पनुवाद्योखन (सल्ट), शराफत खां निवासी भैरवनगर बरेली की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गिरीश चंद्र (38) पुत्र शिव राम निवासी पनुवाद्योखन (सल्ट), जुबेर खान (23) पुत्र शराफत खां निवासी भैरवनगर बरेली, फिरासत (26) निवासी भैरवनगर बरेली घायल हो गए।
बारिश से हाईवे हुए बदहाल
भूस्खलन से उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे तीन घंटे बंद रहा। उत्तरकाशी लंबगांव मार्ग दो स्थानों पर बंद है। भूस्खलन होने से यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट, जंगल चट्टी, हनुमान चट्टी के पास पिछले 17 दिन से बंद है। चमोली में बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में सोमवार सुबह 8.25 बजे खुल पाया।
नैनीताल जिले के रामनगर में बरसाती नदी में एक कार बह गई, हालांकि ग्रामीणों ने कार में सवार चार युवकों को बचा लिया गया।
देहरादून व उसके आसपास के क्षेत्रों में करीब 24 घंटे की मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। देहरादनू और मसूरी में लगातार बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।