लगातार पहाड़ी से गिर रहे पत्थर, खतरनाक हुआ केदारनाथ मार्ग
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उत्तराखंड में हो रही बारिश ने स्थानीय लोगों के साथ ही यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। पहाड़ी से गिर रहे पत्थर और मलबे के कारण सोनप्रयाग से रुकी बाबा केदारनाथ की पैदल यात्रा सोमवार की सुबह शुरू हो गई। सोमवार सुबह 6 बजे केदारधाम के लिए सोनप्रयाग से 155 यात्री रवाना हुए।
केदार घाटी में तड़के से हो रही बारिश के कारण सोनप्रयाग पैदल पुल के निकट मुनकटिया में रविवार सुबह से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। पहाड़ी से गिर रहे पत्थर और मलबे के कारण सोनप्रयाग से बाबा केदारनाथ की पैदल यात्रा रविवार को शुरू नहीं हो पाई।
वहीं शनिवार देर रात को धरासू नालूपाणी में भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया था। रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बीआरओ ने यहां जमा मलबा साफ कर यातायात सुचारु किया।
उधर हरिद्वार के लक्सर में बारिश से शनिवार देर रात सोलानी नदी के बढ़े जलस्तर से हस्तमौली के पास करीब 50 लाख की लागत से बनाए गए तटबंध का 50 मीटर का हिस्सा बह गया। इससे दर्जनों गांवों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों को तटबंध टूटने की सूचना रविवार सुबह मिली तो वह मौके की ओर दौड़े।
आज और कल मौसम देगा साथ
उत्तराखंड में सोमवार को बारिश से राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग की 12 घंटे भारी बारिश की चेतावनी सोमवार सुबह खत्म हो जाएगी। सोमवार और मंगलवार को चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रदेश के तमाम हिस्सों में बारिश से राहत मिलने की घोषणा की गई है।
राजधानी सहित प्रदेश के सात जिलों में मौसम विभाग ने रविवार को भारी बारिश की चेतावनी दी थी। कई जगह भारी बारिश भी हुई। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि फिलहाल दो दिन भारी बारिश से राहत रहेगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में फिलहाल भारी बारिश के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। यहां आगामी दो दिन हल्की से भी हल्की बारिश रहेगी, लिहाजा श्रद्धालु यहां जा सकते हैं।