अजब-गजब: 18 साल बाद गिरफ्तार हुअा बोर्ड परीक्षा में नकल का आरोपी
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वर्ष 2000, जब यूपी और उत्तराखंड विभाजित नहीं हुए थे उस समय बोर्ड परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया परीक्षार्थी 18 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
दरअसल उस समय उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था। वर्ष 2005 में कोर्ट की ओर से उसे भगोड़ा घोषित किए जाने पर एसपी ने आरोपी पर 2500 रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
शनिवार को आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
पुलिस ने आरोपी को दबोचने के लिए ढाई हजार रुपये का इनाम रखा
थानाध्यक्ष मनीष खत्री ने बताया कि टनकपुर निवासी महेश सिंह रावल ने वर्ष 2000 में जीआईसी लोहाघाट में इंटरमीडिएट की व्यक्तिगत बोर्ड परीक्षा दी थी।
इस दौरान वह नकल करते पकड़ा गया था, तब उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था। आरोपी के खिलाफ 3/9 यूपी परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पांच साल बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत की ओर से महेश को भगोड़ा घोषित किए जाने पर पुलिस ने आरोपी को दबोचने के लिए ढाई हजार रुपये का इनाम रखा था।
एसओ ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आरोपी को शनिवार अपराह्न बलांई पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस टीम में एसआई देवेंद्र मेहता, एसओजी प्रभारी एलएम पांडेय, बिहारी लाल, राकेश रौंकली, नवल किशोर आदि थे।