इस मायने में भी अहम है हिमाचल में भाजपा की जीत, एक नहीं कईं राज्यों के लिए बनेगी वरदान
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हिमाचल प्रदेश में भाजपा की प्रचंड जीत इस मायने में भी अहम है। यह एक नहीं बल्कि कई राज्यों के लिए वरदान बनेगी। दशकों से हिमालयी राज्यों के लिए अलग मंत्रालय और नीति बनाए जाने की वकालत हो रही है।
मगर वैचारिक समानता न होने की वजह से पैरवी असरदार नहीं हो पा रही। उत्तराखंड के बाद अब हिमाचल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। जम्मू कश्मीर और उत्तर-पूर्व के कुछ प्रदेशों में भी भगवा असरदार हुआ है।
लंबे समय के बाद एक ऐसा संयोग बना है कि दिल्ली से लेकर उत्तर के हिमालय और उत्तर पूर्व के कुछ प्रांतों में एक ही दल की सरकारें बनी हैं। इससे हिमालय राज्य की पृथक नीति और मंत्रालय के गठन को लेकर चल रही मुहिम को मजबूती मिलेगी। साथ ही हिमाचल और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की साझा योजनाओं में योजनाओं में तेजी आएगी।
अविभाजित उत्तरप्रदेश के समय से हिमालय राज्यों के लिए अलग नीति की वकालत करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक कहते हैं,‘ भाजपा ने उत्तराखंड, हिमाचल, असम और मणिपुर में परचम लहराया है।
साझा योजनाओं में आएगी तेजी
उत्तर-पूर्व के अन्य राज्यों में भी भाजपा बढ़त बना रही है। इससे निश्चिततौर पर हिमालय राज्यों के समान मुद्दों को हल कराने में मजबूती मिलेगी।’ उनकी मानें तो हिमालय की परिस्थितियां और चुनौतियां देश के दूसरे भागों से भिन्न हैं।
वहां के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सवाल भी अलग हैं। इनके समाधान भी अलग ढंग से होने हैं। केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद हिमालयी राज्यों को देखने नजरिया बदला है।
पीएम मोदी खुद हिमालयी राज्यों के विकास से जुड़े मुद्दों की पड़ताल कर रहे हैं। नीति आयोग भी अलग से योजनाएं तैयार कर रहा है। हिमालयी राज्यों में भाजपा की सरकारें बनने से समान तरह के मुद्दों के समाधान मदद मिलेगी और एक-दूसरे के अनुभवों का फायदा मिल सकेगा।
साझा योजनाओं में आएगी तेजी
उत्तराखंड और हिमाचल में एक ही दल की सरकार बनने का सबसे अधिक फायदा उन योजनाओं में होगा जो परस्पर सहयोग से स्थापित होनी है। इनमें सबसे महत्वाकांक्षी किशाऊ बांध परियोजना है। परियोजना निर्माण केंद्र और दोनों राज्यों के संयुक्त उपक्रम के तौर पर होना है।
केंद्र सरकार को इसमें नब्बे फीसदी राशि व्यय करनी है। अब उत्तराखंड, हिमाचल और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होने से इस परियोजना के निर्माण में तेजी आने के आसार हैं। हिमाचल से परिवहन करार हो चुका है, लेकिन इसमें तेजी आ सकेगी।