हरीश सरकार की उल्टी गिनती हो जाएगी शुरू: अजय भट्ट
अजय भट्ट ने कहा पांच-छह महीने में कहां खर्च करेंगे 40 हजार करोड़।
यूपी के विभिन्न जिलों से जनता को विधानसभा तक लाने के लिए बसें मंगाई जा रहीं।
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भाजपा ने सड़क से सदन तक प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को भाजपा विधानसभा का घेराव करेगी। प्रदेश भर के नेताओं को विधानसभा घेराव में समर्थकों और जनता के साथ पहुंचने के लिए कहा गया है।
नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि 14 मार्च के घेराव से हरीश रावत सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। कुछ काम न कर पाने की वजह से मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के साथ जनता का विश्वास खो दिया है।
शनिवार को नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने मीडियाकर्मियों से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार के पांच-छह महीने ही बचे हैं, इस दौरान 40 हजार करोड़ रुपये कहां खर्च कर देंगे। सरकार पुराना बजट ही खर्च नहीं कर पाई है। जिला योजना का पैसा अभी तक अवमुक्त नहीं किया गया है।
राज्य सरकार ने केंद्र की आलोचना के अलावा कुछ नहीं किया। सिर्फ केंद्र पोषित योजनाएं ही चालू रहेंगी। मुख्यमंत्री इन्हीं को अपनी योजनाएं बताते रहेंगे, वह जानते हैं कि सरकार जाने वाली है।
एक सवाल के जवाब में भट्ट ने बताया कि घेराव में बसों की कमी आड़े आ रही है, इसको देखते हुए यूपी के विभिन्न जिलों से जनता को विधानसभा तक लाने के लिए बसें मंगाई जा रही हैं। इसके बाद उन्होंने बजट की खामियों को दुहराया और कहा कि सल्ट में लड़कियां गायब होने के मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे।
रणनीति के तहत चलने दे रहे सदन : भट्ट
बजट पेश होने के बाद भाजपा और आक्रामक तेवर अपनाएगी। बजट की खामियों की सूची बनाकर होमवर्क कर लिया गया है। खासतौर पर पिछले बजट की वे योजनाएं सरकार के लिए उलझन बन सकती हैं जिनका इस बार जिक्र नहीं किया गया और न ही उन योजनाओं पर काम हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट का कहना है कि सदन चलने देने के पीछे मंशा यह थी कि सरकार को घेरा जाए। हो-हल्ला होने पर मुख्यमंत्री को यह कहने का मौका मिल जाता कि विपक्ष सदन ही नहीं चलने देता।
भाजपा का कहना है कि पिछले बजट में भेड़ बाड़े बनाने का प्रावधान था, जो इस बजट में नदारद हैं। ऊन आयोग कहां चला गया? इसके अलावा केंद्रीय योजनाओं पर काबिज होने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही भाजपा ने सरकार के मंत्रियों के बयानों को भी सूचीबद्ध कर लिया है जिसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री घोषणाएं इतनी हो गई हैं कि इन्हें पूरा नहीं किया जा सकता।
भट्ट का कहना है कि हर घर में बिजली पहुंचाने का केंद्र सरकार का प्रोग्राम है और प्रदेश सरकार ने बजट में इसकी घोषणा कर दी है। पहले शराब बनाने के लिए फलों की लैब में जांच कराई गई थी, जो फेल हो गई। अब मंडवे से शराब बनाने के लिए फिर लैब को जांच के लिए तीन करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह पैसे की बर्बादी है।