ममता बनर्जी का 'सिंहासन' हिलाने के लिए BJP नेता यहां ले रहे ट्रेनिंग, इनसे सीख रहे चुनावी दांवपेंच
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पश्चिमी बंगाल भाजपा ने चुनावी राजनीति के दांवपेच सीखने के लिए इस राज्य का रुख किया है। ममता बनर्जी का सिंहासन हिलाने की कोशिश कर रही भाजपा उत्तराखंड में पार्टी के प्रचंड जनादेश पर अभिभूत है।
उसकी यह रहस्य जानने में दिलचस्पी है कि वह कौन सा मंत्र है, जिसकी बदौलत उत्तराखंड में उसने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया। यह सियासी कौशल सीखने के लिए भाजपा ने अपने नेताओं के एक दल को पिछले दिनों उत्तराखंड भेजा। करीब 15 दिनों तक बेहद गोपनीय ढंग से वे उत्तराखंड में रहे।
इस दौरान उन्होंने प्रदेश भाजपा के अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं के साथ सांगठनिक नेटवर्क की ट्रेनिंग ली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि भट्ट इसे सांगठनिक गतिविधियों का सामान्य हिस्सा बता रहे हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पश्चिमी बंगाल को लेकर बेहद चौकन्ना है और लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में ममता बनर्जी को तगड़ी चुनौती देने की रणनीति बना रहा है।
बंगाल से जुड़े इस अभियान में भाजपा अपने उन राज्यों की मदद ले रही है, जो सांगठनिक नेटवर्क के लिहाज से खासे मजबूत हैं और चुनावी राजनीति में सिक्का जमा चुके हैं।
उत्तराखंड भाजपा में विस्तारक की व्यवस्था काफी चुस्त मानी जाती है। केंद्रीय नेतृत्व ने इसे खुले दिल से सराहा है। इसी खूबी की वजह से पश्चिमी बंगाल भाजपा के 21 नेताओं को उत्तराखंड अध्ययन के लिए भेजा गया। वे पिछले 15 दिनों तक विभिन्न विधानसभाओं में विस्तारकों के साथ रहे। जहां उन्होंने बूथ मैनेजमेंट के गुर सीखे। ये सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
राजनीति में सबकी निगाहों में रहा है उत्तराखंड
- हिंदी पट्टी में राजनीति के कौशल के लिहाज से उत्तराखंड काफी समृद्ध माना जाता है।
- राज्य ने देश को गोविंद बल्लभ पंत, हेमवती नंदन बहुगुणा, एनडी तिवारी सरीखे खांटी राजनीतिक दिए हैं, जिनकी देश-दुनिया में ख्याति रही।
- कई ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम इस राज्य में हुए जिन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा।
- सियासी संकट के दौरान विनियोग विधेयक का गिरना, मामले का कोर्ट जाना, राजभवन की भूमिका, सियासी जोड़ तोड़ ,राष्ट्रपति शासन और हरीश रावत की सत्ता में वापसी।