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Uttarakhand Chunav 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित- जेपी नड्डा

Sat, 21 Aug 2021 07:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 21 Aug 2021 07:58 PM IST
सार

शनिवार काे जेपी नड्डा के उत्तराखंड दौरे के दूसरे दिन रायवाला में पूर्व सैनिकों का सम्मान सम्मेलन आयोजित हुआ। इसके बाद वह हरिद्वार में संतों के साथ बैठक करेंगे।

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BJP Chief JP Nadda Uttarakhand Visit Today: Second day today, efforts made to cultivate saints and soldiers votes
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा - फोटो : एएनआई

विस्तार

रायवाला के एक रिजॉर्ट में आयोजित पूर्व सैनिक संवाद एवं सैनिक सम्मान कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने केंद्र में आने के बाद सबसे पहले पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन देने का काम किया, यह मांग 42 सालों से लंबित थी। देश में पहले बुलेट प्रुफ जैकेट आयात की जाती थी, लेकिन आज यह जैकेट विदेशों में निर्यात की जा रही है।

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पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। उत्तराखंड के कई लोग सेना में बड़े पदों पर आसीन रहे हैं। जिनमें जनरल बिपिन रावत खुद देश के सीडीएस हैं। रक्षा बजट में हर साल एक लाख 35 हजार करोड़ रुपये नए असलहे खरीदने के लिए रखे जाते हैं। पहले सेना और बॉर्डर पर स्थित गांवों के लिए बरसात से पहले छह माह का राशन एकत्रित करके रखा जाता था, लेकिन ऑल वेदर रोड बनने के बाद अब राशन एकत्रित नहीं करना पड़ता। अभी तक करीब 3,300 किमी ऑल वेदर रोड बन चुकी हैं। सीमांत राज्यों में कई रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि सेना में 34 राफेल फाइटर जुड़ चुके हैं। आर्म्ड फोर्स पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मेें देश सुरक्षित है। दीपावली के त्योहार में हर कोई अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर जाता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल दीपावली बॉर्डर पर सैनिकों के साथ मनाते हैं। पहले जम्मू कश्मीर के किसी जिले में आतंकवादियों की ओर से फायरिंग की जाती थी तो वहां पर तैनात जवानों को जवाबी कार्रवाई के लिए दिल्ली का इंतजार करना पड़ता था, दिल्ली से कहा जाता था कि अभी संदेश का इंतजार करो। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों को गोली का जवाब गोली से देने की छूट दे रखी है। प्रधानमंत्री की कार्यकुशलता के कारण ही चीन को पीछे हटना पड़ा। 17 अगस्त को जम्मू में शहीद हुए पौड़ी के वीर जवान को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। 
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केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अब हमारा देश आत्मनिर्भर हो रहा है। देश में सुई से सब्बल का निर्माण हो रहा है। पहले जो रक्षा उपकरण आयात किए जाते हैं, आज भारत में निर्मित एक हजार प्रकार के रक्षा उपकरण निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों को भरोसा दिलाया कि वह सैनिक वेलफेयर के लिए काम करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काव्य पंक्तियां....ये देश सुरक्षित सो रहा है.....से अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हर परिवार से एक व्यक्ति सेना में है। शहीदों के परिजनों को सगूह ग और घ में नौकरी दी जा रही है।

द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों की वीरांगनाओं को पहले अनुदान चार हजार मिलता था, जिसे बढ़ाकर उनकी पार्टी ने पहले आठ हजार उसके बाद अब 10 हजार कर दिया गया है। पूर्व सैैनिकों के आश्रितों सेना भर्ती से पूर्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 1212 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सेना में भर्ती होने से पहले युवाओं को हल्द्वानी और देहरादून में ट्रेनिंग दी जा रही है। करीब 660 युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। एनडीए और सीडीएस की तैयारी के लिए प्रदेश सरकार 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है। 

डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया
यहां से जगत प्रकाश नड्डा हरिद्वार पहुंचे और संत रविदास मंदिर खड़क धीरवाली में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया। यहां से नड्डा हरिद्वार के वार्ड नंबर तीन दुर्गा नगर के बूथ नंबर 12 के अध्यक्ष प्रमोद पाल के घर पहुंचे। जहां उन्हाेंने सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ जलपान किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के सत्कार के लिए नाश्ते में पोहा और ढोकला बना था। लेकिन जेपी नड्डा ने काजू की कतली और पुष्कर सिंह धामी ने चॉकलेट की बर्फी खाई। यहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान महिलाओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को राखी भी बांधी।

नड्डा ने सेना और हिंदुत्व के एजेंडे पर पार्टी का दमखम टटोला 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के दो दिवसीय दौरे में यह तय हो गया कि मिशन 2022 के लक्ष्य को हासिल करने अपने पारंपरिक वोट बैंक और सेना के एजेंडे पर फोकस करेगी और सत्ता में वापसी के लिए सांगठनिक सक्रियता का मंत्र फूंकेगी।  

अपने दो दिनी दौरे में नड्डा एक दर्जन कार्यक्रमों में शामिल हुए। हर बैठक में उनका जोर 2022 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से संगठन का एजेंडा तय करने पर रहा। देवभूमि और सैन्य बहुल्य राज्य होने के नाते नड्डा ने रणनीतिक तरीके से दूसरे दो मुख्य कार्यक्रम किए। पहला पूर्व सैनिकों से संवाद और दूसरा साधु-संतों का आशीर्वाद। सैनिक सम्मेलन के कार्यक्रम में नड्डा ने सीमाओं की सुरक्षा, निर्णय लेने का अधिकार और आधुनिक हथियारों की सुविधा, सीमा पर सड़कों का विस्तार की बातें कर राष्ट्रवाद की संवेदनाओं को छूने का प्रयास किया।

अपने इस पारंपरिक वोट बैंक को झोली बनाए रखने के लिए नड्डा ने सैनिकों व पूर्व सैनिकों के बीच यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के लिए वे खास अहमियत रखते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा ने संतों के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने संतों के आश्रमों व धर्मशालाओं में व्यावसायिक दरों पर वसूले जाने वाले करों को घरेलू दरों पर करने की घोषणा करके संतों को खुश करने का प्रयास किया। कुंभ के बाद संतों के सम्मान का कार्यक्रम करने का आश्वासन देकर संतों के सानिध्य के सिलसिले को आगे बढ़ाकर अपने हिंदुत्व एक एजेंडे को आगे बढ़ाने के संकेत भी दे दिए। 

इससे पूर्व नड्डा ने पार्टी कोर ग्रुप से लेकर मंडल अध्यक्ष तक के साथ ताबड़तोड़ आठ बैठकें कीं। इन बैठकों में उनका एक ही सूत्र वाक्य था, सांगठनिक ताकत को बढ़ाएं। हर बूथ को मजबूत करें। उनका मानना था कि कैडरबेस पार्टी होने के नाते भाजपा के पक्ष में जो वातावरण बना है, उसे अपने पक्ष में बनाए रखें और सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त करें। अपनी सभी बैठकों में उन्होंने जनसंपर्क पर जोर दिया मोदी और धामी सरकार की लोकलुभावन योजनाओं, कार्यक्रमों और फैसलों को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

विधायकों का प्रदर्शन नहीं सुधरा तो कटेगा टिकट
भाजपा उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव में उन विधायकों का टिकट काट सकती है, जिनका अभी तक प्रदर्शन खराब रहा है। दो दिवसीय दौरे पर हरिद्वार पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पार्टी विधायकों व सांसदों की बैठक में कुछ ऐसे ही संकेत दिए। उन्होंने कहा कि किसने कितना काम किया, सारा रिकॉर्ड हमारे पास है।

इन कामों में जुटने के निर्देश
1. तीन महीनों में प्रमुख कार्य जमीन पर उतारें : नड्डा ने कहा कि अगले तीन महीनों में किन कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारा जा सकता है, उसकी सूची बनाएं। इस सूची को बनाने में विधायक, सांसद और मंत्री तीनों जुटें।
2. असंतुष्टों की सूची बनाएं : अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में उन नेताओं की सूची तैयार करें जो पार्टी में हैं, लेकिन असंतुष्ट या विरोधी हैं। उनकी सूची प्रदेश संगठन को सौंपे। प्रदेश संगठन इन असंतुष्टों को मनाए और सांगठनिक गतिविधियों में सक्रिय सहयोग लें।
3. कार्यकर्ताओं को सर्वोपरि मानें : नड्डा ने कार्यकर्ताओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच में समन्वय आवश्यक है, इसलिए उनकी सुध लें। खासतौर पर उन पूर्व पदाधिकारियों का मार्गदर्शन और सहयोग लें, जो खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

शांतिकुंज से है मेरा पुराना नाता : नड्डा 

जेपी नड्डा गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचे। गायत्री परिवार प्रमुख एवं देव संस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पंड्या और शैल दीदी ने पवित्र गायत्री मंत्र लिखित चादर ओढ़ाकर जेपी नड्डा का स्वागत किया। डा. प्रणव पण्ड्या ने जेपी नड्डा, पुष्कर सिंह धामी और मदन कौशिक को पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की लिखित पुस्तक और शांतिकुंज की स्वर्ण जयंती अवसर पर डाक विभाग की ओर से जारी डाक टिकट का स्मृति चिन्ह प्रतीक स्वरूप भेंट किया।

इस मौके पर जेपी नड्डा ने कहा कि शांतिकुंज से उनका पुराना नाता है। उनकी दीक्षा भी यहीं संपन्न हुई। छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुएउ न्होंने कहा कि उनकी बुआ गायत्री परिवार से लंबे समय से जुड़ी हैं। जब भी उनके घर जाते हैं शांतिकुंज की ओर से प्रकाशित अखंड ज्योति पत्रिका का अध्ययन करने का अवसर मिलता है। इस दौरान शांतिकुंज के व्यवस्थापक महेंद्र शर्मा, देव संस्कृति विवि के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या आदि मौजूद रहे।

शैल दीदी ने नड्डा को बांधी राखी 
श्रावणी की पूर्व संध्या पर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को शैल दीदी ने राखी बांधकर उज्जवल भविष्य और दीर्घ जीवन की कामना की। वहीं गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षा सूत्र बांधकर राज्य के विकास के लिए कामना की। 

गुजराती समुदाय ने बलूनी का स्वागत किया
गुजराती समुदाय के लोगों ने राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी से आर्य निवास में भेंट की। बलूनी ने समाज के लोगों के साथ गुजरात से जुड़ी पुरानी यादों को साझा किया। हरिद्वार गुज्जु परिवार के प्रमुख राजेश भाई पाठक ने अनिल बलूनी का स्वागत किया। इस मौके पर संस्था सदस्य राजेश प्रजापति, बिपिन, लक्ष्मण भाई, मिलन भाई, प्रितेष भाई, पवन भाई, रमेश भाई, लहर भाई आदि मौजूद रहे। संवाद 

मोदी ने संतों के राम मंदिर निर्माण के सपने को किया पूरा 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तराखंड के दो दिवसीय प्रवास से लौटने से पहले धर्मनगरी के संतों से आशीर्वाद लिया। उन्होंने साधु-संतों का अभिनंदन कर भाजपा को मजबूत बनाने के लिए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की आधारशिला रखकर संतों के राम मंदिर निर्माण के सपने को पूरा किया है। 

हरिद्वार-देहरादून जिले की सीमा पर स्थित एक होटल में शनिवार को आयोजित संत अभिनंदन समारोह में जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि से बेहद लगाव है। भगवान केदारनाथ और बदरीनाथ के प्रति उनकी गहरी आस्था और विश्वास है। देवभूमि के विकास के लिए नरेंद्र मोदी खुद मानीटरिंग करते हैं। जितने भी बजट की जरूरत होती है केंद्र सरकार हमेशा तत्पर रहती है। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी नेता चुनावी तैयारी में लगे थे, लेकिन नरेंद्र मोदी केेदारनाथ आकर भक्ति में लीन थे। मोदी सनातन धर्म के प्रति आस्था रखते हुए चुनाव की राजनीति से दूर रहे। उन्होंने कहा कि जहां संतों का समागम हो जाए वह स्थल स्वयं ही तीर्थ स्थल बन जाता है। ऐसे ही तीर्थ स्थान हरिद्वार आने और संतों का आशीर्वाद लेने का उनको सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद की ताकत से संगठन को अधिक मजबूती दे सकें, ताकि देश का कोई भी ऐसा प्रदेश न रहे जहां कमल न खिले। 

इस दौरान स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी यतींद्रानंद, स्वामी रामेश्वरानंद, श्रीमहंत रविंद्ररपुरी, महंत दामोदर दास, महंत कमलदास, स्वामी प्रमोदानंद, स्वामी विषेश्वरानंद, स्वामी देवानंद सरस्वती, स्वामी हरिबल्लभ शास्त्री, बाबा हठयोगी, महंत केशवानंद, महंत श्यामदास, महंत दामोदर शरण, महंत राजेंद्रदास, महंत विष्णुदास, महंत सादनानंद, महंत रविदेव शास्त्री, महंत लोकेशदास, महंत दिनेशदास और महंत रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी प्रेमानंद, स्वामी ललितानंद और स्वामी मैत्री यति समेत कई संत मौजूद रहे।

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