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Bird Flu: हरिद्वार में भी बर्ड फ्लू की दस्तक, कौवे का सैंपल आया पॉजिटिव, बाहरी राज्यों से मुर्गे लाने पर रोक 

Tue, 19 Jan 2021 03:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 19 Jan 2021 03:40 PM IST
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Bird flu Latest News: Bird flu infection Confirmed in Crow in Haridwar District
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

उत्तराखंड में देहरादून और कोटद्वार के बाद अब हरिद्वार जिले में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। वन विभाग की ओर से भेजे गए सैंपलों में से एक कौवे की बर्ड फ्लू की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि, राहत देने वाली बात यह है कि पोल्ट्री फार्म से लिए गए सभी 54 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 

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जिलाधिकारी सी रवि शंकर ने बताया कि वन प्रभाग को जिले में अभी तक 14 पक्षी मृत मिले हैं। इनमें से 12 जनवरी को वन विभाग की ओर से जिले के विभिन्न स्थानों से मृत हालत में मिले चार कौवों के सैंपल को बर्ड फ्लू की जांच के लिए भोपाल भेजा गया था। जिनमें से रोशनाबाद स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास से मृत मिले एक कौवे के सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। इसके अलावा इसी दिन पशुपालन विभाग विभाग की ओर से भी रुड़की और नारसन ब्लॉक क्षेत्र से पोल्ट्री फार्म और पालतू बत्तखों के 54 सैंपल जांच के लिए बरेली भेजे गए थे, लेकिन बरेली भेजे गए सभी सैंपल निगेटिव आए हैं।
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जिलाधिकारी ने बताया कि बर्ड फ्लू का एक मामला सामने आने के बाद जनपद में 16 रेपिड रेस्पॉस टीम का गठन कर दिया गया है। जिसमें पशु चिकित्साधिकारी, पशु फार्मासिस्ट, पशुधन प्रसार अधिकारी और वैक्सीनेटर या पशुधन सहायक को शामिल किया गया है। टीम के सदस्य सैंपल लेने के साथ ही लोगों को जागरूक करने का कार्य करेंगे। इसके लिए जनपद में प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग और बैनर भी लगाए जाएंगे। एक हेल्पलाइन नंबर भी बना दिया गया है। जिस पर बर्ड फ्लू से संबंधी कोई भी जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर टीम सैंपल लेने से लेकर रोकने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जल्द ही पॉल्ट्री फार्मों से सैंपल लेने का कार्य शुरू किया जाएगा। 
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लालढांग में मृत मिला कौआ
लालढांग में सुदन डबराल के बगीचे में मृत कौआ मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। चिड़ियापुर रेंज की वन चौकी कटेबड़ के वन कर्मियों को सूचना दे दी गई है। ग्रामीण सुदन डबराल ने बताया कि उनके बगीचे में मरा हुआ कौवा पड़ा दिखाई दिया। बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए वन अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। मामले को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत होने लगी है। 

बर्ड फ्लू प्रभावित राज्यों से मुर्गे लाने पर रोक 

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. योगेश भारद्वाज ने बताया कि रोशनाबाद स्पोर्ट्स स्टेडियम में मृत मिले कौवे की बर्ड फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इस क्षेत्र के आस-पास के मुर्गी फार्मों की खोज शुरू कर दी गई है, ताकि जरूरी कदम उठाए जा सकें। 

साथ ही जिन राज्यों में बर्ड फ्लू के केस सामने आ रहे हैं, वहां से मुर्गे लाने पर जिलाधिकारी ने रोक लगा दी है। अगर इसके बावजूद भी कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जनपद में चिकन बेचने वालों की दुकानों से मुर्गों की सैंपलिंग करने का काम शुरू किया जाएगा। 

गंगा किनारे के पक्षियों पर निगरानी के निर्देश 
जिलाधिकारी ने गंगा नदी के किनारों और उनके पास के गांवों के मुर्गी फार्मों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। कहा है कि बाहर से आने वाले पक्षियों से संक्रमण की फैलने की आशंका अधिक रहती है। इसलिए गंगा नदी और तालाबों पर विशेष ध्यान रखा जाए। डीएफओ नीरज शर्मा ने बताया कि बाहरी पक्षियों पर निगरानी के लिए रेंजों में टीमों का गठन कर दिया गया है। 

ठीक से पकाकर कर खाएं मांस, नहीं घबराने की जरूरत 
डा. योगेश भारद्वाज का कहना है कि अंडा व चिकन को ठीक से पकाकर खाएं। इससे इनके सेवन से निश्चित रूप से कोई दिक्कत नहीं होगी। कहा कि बर्ड फ्लू को लेकर किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। केवल सावधान और जागरूक रहने की जरूरत है। 

रेस्क्यू सेंटर में गुलदार को नहीं देंगे चिकन

बर्ड फ्लू को देखते हुए चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर में रह रहे गुलदार को अब चिकन खाने को नहीं मिलेगा। उन्हें अब मटन से ही काम चलाना पड़ेगा। जनपद में बर्ड फ्लू को लेकर वन महकमा अलर्ट है। इसको देखते हुए वन विभाग की ओर से चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर में रह रहे नौ गुलदार को खाने को एहतियात के तौर पर अब चिकन नहीं दिया जाएगा।

रेस्क्यू सेंटर के इंचार्ज और वन क्षेत्राधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि पहले गुलदार को दो दिन चिकन, दो दिन मटन और दो दिन भैंसे का मांस दिया जाता था। एक दिन उन्हें कोई भी मांस नहीं दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू के मद्देनजर अब गुलदार को चिकन नहीं दिया जाएगा। उन्हें तीन दिन मटन और तीन दिन भैंसे का मांस दिया जाएगा। जब तक बर्ड फ्लू का प्रभाव रहेगा, तब यह व्यवस्था लागू रहेगी।

टिहरी के मगरू में मरी डेढ़ सौ मुर्गियां 
भिलंगना ब्लाक के धोपड़धार में मगरू गांव के एक मुर्गीखाने में करीब डेढ़ सौ मुगियां मर गई और करीब एक सौ बीमार हैं। मुर्गियों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटना की सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग ने मृत मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। 

बर्ड फ्लू की दस्तक के बीच धोपड़धार में मगरू के एक मुर्गीखाने में शनिवार रात को अज्ञात बीमारी से करीब डेढ़ सौ मुर्गियां मरने से मुर्गी पालक दहशत में हैं। मुर्गी पालक शिवशरण ने बताया कि शनिवार रात को करीब 11 बजे वह मुर्गियों को दाना देने के बाद घर लौट गए थे। रविवार सुबह सात बजे मुर्गी बाड़े में जाकर देखा, तो कई मुर्गियां मरी पड़ी थी। जबकि करीब 100 मुर्गियां बीमार हैं।

शिवशरण ने बताया कि उन्होंने तीन-चार माह पहले ही मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन अचानक मुर्गियों की मौत से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अन्य 100 मुर्गियों की स्थिति भी काफी नाजुक बनी हुई है। शिवशरण ने बर्ड फ्लू की आशंका जताई है। मुगिर्यों की मौत के मामले में तहसीलदार रेनू सैनी ने बताया कि मृत मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। चार दिन बाद रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।  

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