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अब सेना भर्ती में धांधली का चांस खत्म
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 13 Oct 2014 12:04 PM IST
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सेना की भर्ती में अब धांधली का चांस खत्म हो गया है। अभ्यर्थियों के नाम पर किसी दूसरे युवा के प्रक्रिया में शामिल होने पर रोक लगाने के लिए सेना ने बायोमैट्रिक जांच लागू कर दी है।
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इस वर्ष बायोमैट्रिक जांच शुरू
भर्ती में शामिल हर कैंडीडेट को इस जांच से गुजरना होगा। इससे भर्ती के हर चरण में अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी।
रविवार को आर्मी हेडक्वार्टर लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडियर एमडी चाको ने प्रेस वार्ता में बताया कि कुछ वर्ष पूर्व लखनऊ में भर्ती के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई थी।
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एक अभ्यर्थी के नाम पर उसका जुड़वां भाई भर्ती में शामिल हो गया था। हालांकि, भर्ती से पहले ही धांधली पकड़ में आ गई थी। इसके बाद सेना ने इसी वर्ष बायोमैट्रिक जांच शुरू कर दी है। बताया कि गढ़वाल रीजन की भर्ती में पहली बार यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
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इसमें शुरुआती दौड़ से लेकर मिलिट्री हास्पिटल में मेडिकल चेकअप तक अभ्यर्थी की बायोमैट्रिक जांच की जाएगी। इसके तहत भर्ती में आते ही हर युवा के फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। अंतिम चरण तक युवक को पहचान के लिए अपने फिंगर प्रिंट देने होंगे।
ब्रिगेडियर चाको ने कहा कि बदलते दौर में सेना का यह कदम भर्ती को तकनीकी तौर पर अपडेट करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। डीडीजी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सेना ने रिक्रूटमेंट की पूरी जानकारी वेबसाइट पर भी लांच की है।
कोई भी अभ्यर्थी साइट पर जाकर हर चरण का रिजल्ट प्राप्त कर सकता है। भर्ती में कड़े मानकों को जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि सेना में विषम परिस्थितियों में तैनाती के चलते वे ही युवा कामयाब हो सकते हैं जो मानकों पर पूरी तरह फिट बैठते हों। बताया कि रिक्रूटमेंट समिति से अलग स्वतंत्र सैन्य अधिकारी अलग-अलग चरणों में युवाओं को परखते हैं।
फौजी बनने आए 7500 युवा बाहर
आर्मी भर्ती रैली में पौड़ी के कुल 7932 युवाओं ने रिपोर्टिंग की, इनमें से सिर्फ 453 युवा ही शारीरिक दक्षता के मानक पूरे कर सके। इनका मेडिकल सोमवार को होगा। भर्ती अधिकारी कर्नल बीएमएस तलवार के मुताबिक मेडिकल में कामयाब अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा 25 जनवरी को लैंसडौन में होगी।
बताया कि रविवार की भर्ती में अधिकतर युवा लंबाई, एक मील की दौड़, सीने की चौड़ाई जैसे टास्क पूरे नहीं कर सके। बताया कि शनिवार को उत्तरकाशी और टिहरी के भी आधे से अधिक युवा एक मील की दौड़ में ही बाहर हो गए थे।
मानकों की अनदेखी का आरोप
रैली में नाकाम रहे युवाओं ने मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भारी भीड़ के बावजूद दस मीटर चौड़े ट्रैक पर 200-250 युवाओं को साथ दौड़ाया जा रहा है, जबकि इतने ट्रैक पर सिर्फ सौ युवा दौड़ सकते हैं।
युवाओं की शिकायत है कि एक मील की दौड़ के लिए तय साढ़े पांच मिनट के समय को भी कम किया जा रहा है। नाप तोल में भी निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने की शिकायत है। हालांकि भर्ती अधिकारी कर्नल तलवार ने इसे बेबुनियाद करार दिया है।
चमोली के युवाओं में है दम
सेना की गढ़वाल रीजन भर्ती में सात जिलों के युवाओं को सेना से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। गढ़वाल के इन सभी जिलों के युवा सेना में जाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं, लेकिन इन सबमें चमोली के ही एक बार फिर बाजी मारने की उम्मीद है। सैन्य अधिकारी भी मानते हैं कि चमोली के युवाओं में दम है।
हर बार इसी जिले से सबसे अधिक युवा सेना में भर्ती होते हैं। रविवार को बीरपुर गढ़ी कैंट स्थित आर्मी ग्राउंड में पौड़ी जिले की भर्ती में नौ हजार युवाओं ने भाग लिया।
आर्मी रिक्रूटमेंट आफिस लैंसडौन के निदेशक कर्नल बीएमएस तलवार ने बताया कि सोमवार को चमोली और मंगलवार को रुद्रप्रयाग के युवाओं को मौका मिलेगा। 15 अक्तूबर को आखिरी दिन देहरादून और हरिद्वार के युवाओं को भर्ती किया जाएगा।