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Uttarakhand News: दूसरे राज्यों के दूध कारोबार पर सरकार की नजर, 2025 तक बनेगी कार्य योजना

Sat, 03 Dec 2022 04:45 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 03 Dec 2022 04:45 PM IST
सार

सरकार अब 2025 तक प्रदेश में उत्पादित दूध का उपार्जन और मार्केटिंग के लिए कार्य योजना बना रही है। वर्तमान दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 1.85 लाख लीटर दूध का उपार्जन किया जाता है। इस दूध को बाजार में आंचल ब्रांड के नाम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है।

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Big market for milk coming from other states in Uttarakhand News in hindi
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आने वाले दूध का बड़ा बाजार है। विभाग का अनुमान है कि दूसरे राज्यों से प्रदेश में रोजाना लगभग चार लाख लीटर दूध की आपूर्ति हो रही है। इससे 50 रुपये प्रति लीटर दूध की कीमत के हिसाब से एक दिन में दो करोड़ रुपये का कारोबार होता है। अब सरकार की नजर बाहर से आने वाले दूध के कारोबार पर है।

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 प्रदेश भर में प्रतिदिन 49 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसमें लगभग 25 लाख लीटर दूध बिक्री योग्य है। वर्तमान दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 1.85 लाख लीटर दूध का उपार्जन किया जाता है। इस दूध को बाजार में आंचल ब्रांड के नाम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है।
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प्रदेश में दूसरे राज्यों से अलग-अलग कंपनियों का प्रतिदिन चार लाख लीटर दूध आता है। इससे राज्य में सालाना लगभग नौ सौ करोड़ का कारोबार होता है। यह पैसा सीधा प्रदेश से बाहर जा रहा है।  सरकार अब 2025 तक प्रदेश में उत्पादित दूध का उपार्जन और मार्केटिंग के लिए कार्य योजना बना रही है। इसमें दूसरे राज्यों से आने वाले दूध के कारोबार का 25 से 30 प्रतिशत राज्य में उत्पादित दूध की मार्केटिंग के लिए रणनीति बनाई जा रही है। 

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दुग्ध योजनाओं की जागरूकता के लिए चलेगा विशेष अभियान
सरकार की ओर से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें पशुचारे में सब्सिडी, दुग्ध व्यवसाय में स्वरोजगार के लिए दुधारू पशु देने, दूध पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि, पशु आहार पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इन योजनाओं की जागरूकता के लिए प्रदेश में एक माह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। 

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2025 तक उत्तराखंड को दुग्ध विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभाग को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बाहरी राज्यों के दूध से प्रदेश में करोड़ों का कारोबार हो रहा है। इसे देखते हुए सरकार का फोकस दूध उत्पादन बढ़ाने और मार्केटिंग पर है। - सौरभ बहुगुणा, पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री

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