यहां केंद्र सरकार की इस योजना में सामने आया बड़ा फ्रॉड, अफसर इस तरह लगा रहे लाखों का चूना
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित ‘जननी सुरक्षा योजना’ में गड़बड़झाला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रुड़की सिविल अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची 707 शहरी व ग्रामीण महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के 9.07 लाख रुपये नहीं दिए। लेखा परीक्षण विभाग की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ।
यह राशि प्रसव के बाद महिलाओं को पौष्टिक आहार के लिए दी जाती है। लेखा परीक्षा विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि 2016-17 में रुड़की सिविल अस्पताल में प्रसव कराने वाली 707 महिलाओं और आशा कार्यकर्ताओं को 9.07 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया।
यह है योजना
अधिकारी योजना के तहत आवंटित पैसा दबाकर बैठ गए। इस संबंध में लेखा परीक्षा विभाग ने वित्त सचिव को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। वित्त सचिव ने इस संबंध में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो विभागीय स्तर पर जांच कराई जाएगी।
यह है योजना
‘जननी सुरक्षा योजना’ के तहत सरकारी व निजी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को 1400 रुपए देने का प्रावधान है। गर्भावस्था के दौरान तमाम चिकित्सकीय जांच निशुल्क कराने के साथ ही गर्भवती को उसके घर से अस्पताल तक और 48 घंटे तक अस्पताल में रखने के बाद जच्चा-बच्चा को घर पहुंचाने का भी प्रावधान है।