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आतंकियों से मुठभेड़ में उत्तराखंड का लाल शहीद, खबर सुनते ही पिता को आया हार्ट अटैक

Wed, 29 Mar 2017 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 29 Mar 2017 10:05 AM IST
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bhupal singh martyred in fighting terrorists in Kupwara

कुपवाड़ा सीमा पर आतंकियों से लड़ते हुए बागेश्वर लेटीगांव के मूल निवासी भूपाल सिंह सोमवार रात शहीद हो गए। इकलौते बेटे के शहीद होने की जानकारी मिलने पर मंगलवार को पिता को हार्ट अटैक पड़ गया। इलाज के बाद पिता की हालत में सुधार आया है, लेकिन पूरा परिवार सदमे में है। 

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बागेश्वर लेटीगांव के मूल निवासी केशर सिंह डियाराकोटी तीन साल पहले यहां गुनीपुर जिवानंद गांव में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहने लगे थे। केशर सिंह का इकलौता बेटा भूपाल सिंह डियाराकोटी आर्मी सप्लाई कोर में 2012 में भर्ती हुआ था। भूपाल की ड्यूटी वर्तमान में कुपवाड़ा सेक्टर में थी। सोमवार रात नौ बजे पिता ने बेटे को हालचाल लेने के लिए फोन किया। इस दौरान बेटे ने बताया कि वह 15 मई तक  छुट्टी लेकर घर आएगा। 
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पिता फोन करने के बाद आराम करने लगे। रात करीब 12 बजे पिता को सेना हेडक्वार्टर से फोन आया कि आतंकियों से लड़ते हुए उनका बेटा शहीद हो गया है। इकलौते बेटे के शहीद होने की जानकारी मां चंपा, बहनें निशा (15) और रूपा को भी लग गई। इसके बाद रो-रोकर परिवार का बुरा हाल हो गया। मंगलवार को बेटे के बारे में सोचते-सोचते पिता को हार्ट अटैक पड़ गया। परिजनों ने उनको सेंट्रल अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर डॉक्टरों ने पिता को डिस्चार्ज कर दिया। 

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बेटे की मौत से गमगीन पिता की हालत खराब

bhupal singh martyred in fighting terrorists in Kupwara

रात में खाना नहीं खाया 
बेटे की मौत से गमगीन पिता की हालत खराब हो गई है। सेहत को खराब देखते हुए परिजनों ने पिता को खाना खिलाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने खाने से इनकार कर दिया। पिता का कहना था कि उनकी भूख ही खत्म हो गई है। पिता गुजरात में प्राइवेट सेक्टर में काम करते थे। वर्तमान समय में वह व्हाइट हाल में गार्ड का काम करते हैं। बड़ी बेटी हाईस्कूल में पढ़ती है। 

रानीबाग में होगा अंतिम संस्कार 
सेना के अधिकारियों ने पिता को कॉल कर पूछा कि शहीद का अंतिम संस्कार कहां किया जाएगा। इस मामले में परिजनों ने एसएमएस भेजा कि पार्थिव शरीर लामाचौड़ के गुनीपुर जीवानंद गांव लाएं। यहां से शवयात्रा रानीबाग जाएगी और वहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों को बुधवार दोपहर तक शव आने की संभावना है।

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