बीसीसीआई ने अंडर-23 टीम की इस महिला क्रिकेटर पर लगाया बैन, सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा
प्रदेश की महिला अंडर-23 टीम की सदस्य पर बीसीसीआई ने दो साल का बैन लगाया है। बसंती कोरंगा पर ट्रायल में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र देने का आरोप है। बीसीसीआई की आंतरिक जांच में प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई है। इसके तुरंत बाद बसंती को टीम से बाहर कर दिया गया है।
पूर्व में उत्तर प्रदेश की टीम के ट्रायल में शामिल हो चुकी बसंती ने तब दूसरा जन्म प्रमाण पत्र दिया था। इस सत्र में जब उन्होंने उत्तराखंड की टीम के लिए ट्रायल दिया तो दूसरा जन्म प्रमाण पत्र जमा करवाया।
दोनों प्रमाण पत्रों में जन्म तिथि अलग-अलग होने पर फर्जीवाडे़ का खुलासा हुआ। यूसीसीसी के मुख्य समन्वयक प्रो. रत्नाकर शेट्टी ने बताया कि बसंती को अंडर-23 टीम से बाहर कर दिया गया है।
सीके नायडू में एक बदलाव
बीसीसीआई के स्थानीय समन्वयक अमित पांडे ने बताया कि बसंती की जगह अमीषा बहुखंडी को टीम में शामिल किया गया है। इससे पहले अंडर-19 और रणजी ट्रॉफी टीम के ट्रायल में भी चार खिलाड़ी फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर शामिल हुए थे। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद उनको बाहर करने के साथ ही दो-दो साल का बैन भी लगा दिया गया था।
पुडुचेरी के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रहे कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के मुकाबले में उत्तराखंड की टीम एक बदलाव के साथ मैदान में उतरेगी। टीम में शामिल राजेश टांगरी अस्वस्थ होने की वजह से बाहर किए गए हैं। उनकी जगह कमलेश कन्याल को जगह दी गई है।