दक्षिणा न मिलने पर हरिद्वार में ब्राह्मणों का हंगामा
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हरिद्वार के शिवजी पैलेस मैदान में विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित चिन्मयानंद बापू की संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे 108 ब्राह्मणों ने दक्षिणा न मिलने पर जमकर हंगामा काटा।
करीब एक घंटे बाद दक्षिणा लेकर पहुंचे बापू के समर्थकों को ब्राह्मणों ने खरी खरी सुनाई। देर रात तक ब्राह्मणों को दक्षिणा देने का कार्य चल रहा था।
संत चिन्मयानंद बापू की ओर से सात जुलाई से 14 जुलाई तक श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की गई थी। कथा में पंचपुरी के 108 ब्राह्मण शामिल हुए।
बिना दक्षिणा लिए चले गए चिन्मयानंद बापू
हर एक ब्राह्मण को 3500 रुपए दक्षिणा देना तय हुआ था। सोमवार को कथा का समापन होने पर किसी भी ब्राह्मण को दक्षिणा नहीं मिली।
कथा वाचक चिन्मयानंद बापू एवं उनके ट्रस्ट के पदाधिकारी बिना दक्षिणा दिए चलते बने। इधर, ब्राह्मणों ने दक्षिणा न मिलने पर हंगामा कर दिया।
कथास्थल के पंडाल से ब्राह्मण मुख्य सड़क तक हंगामा करते-करते पहुंच गए। करीब एक घंटे बाद सफारी में ट्रस्ट के पदाधिकारी ओमप्रकाश पांडे दक्षिणा लेकर पहुंचे।
उनके विलंब से पहुंचने पर ब्राह्मणों ने उनके साथ धक्का-मुक्की कर दी और खरी-खरी सुनानी शुरू की।
सभी ब्राह्मणों की भिजवा दिया गई थी दक्षिणा
ब्राह्मणों के तेवर देख ट्रस्ट के पदाधिकारी ओमप्रकाश पांडे को मैदान से बाहर ले गए। ब्राह्मणों के शांत होने पर उन्हें दक्षिणा बांटने का कार्य शुरू हुआ।
ट्रस्ट के पदाधिकारी ओमप्रकाश पांडे ने बताया कि मेहमानों को विदा करने के चक्कर में कुछ विलंब हुआ है। प्रत्येक ब्राह्मण को दक्षिणा दी जा रही है।
कथा समापन के बाद मैं वहां से निकल आया था। सभी ब्राह्मणों की दक्षिणा भिजवा दी गई थी। हमारा एक व्यक्ति दक्षिणा लेकर पहुंचने ही वाला था कि कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया। इससे पहले भी हम कई कथाएं कर चुके हैं, कभी ऐसा वाकया नहीं हुआ। तय दक्षिणा से ज्यादा दक्षिणा दी गई है। मैं सभी ब्राह्मणों को सम्मान और प्रणाम करता हूं। इस हंगामे का मकसद समझ से बाहर है।
- स्वामी चिन्मयानंद बापू, कथावाचक