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Dehradun News: कोठी ढहाने और डकैती के छह आरोपियों की डेढ़ साल बाद जमानत रद्द

Sun, 17 Sep 2023 01:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 17 Sep 2023 01:36 AM IST
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Bail of six accused of demolition and robbery canceled after one and a half year
क्लेमेंटटाउन में पूर्व नौसेना अफसर की कोठी ढहाने और डकैती के छह आरोपियों की जमानत जिला न्यायाधीश प्रदीप पंत की कोर्ट ने रद्द कर दी है। इन पांचों आरोपियों को सात दिन के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा। इन सभी को जेल जाना होगा। चार्जशीट का समय पर दाखिल न होना इस जमानत का आधार माना गया था। अब जिला न्यायालय ने माना है कि चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस के पास समय था। ऐसे में यह जमानत के लिए निचली अदालत में गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए, जो कि नियम विरुद्ध थे।
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फरवरी 2022 में कोठी ढहाने और डकैती के मामले में पुलिस ने जांच करते हुए सन्नी अलियास सारिक अहमद निवासी टर्नर रोड, रणदीप सिंह रंधावा निवासी क्लेमेंटटाउन, विशाल भारद्वाज निवासी किशननगर, वीर सैन कश्यप निवासी क्लेमेंटटाउन, नंद किशोर काला निवासी क्लेमेंटटाउन, सूरज क्षेत्री और एक अधिवक्ता सौरभ कपूर को गिरफ्तार किया था। पुलिस इस मामले में दो माह के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई थी। ऐसे में सौरभ कपूर को छोड़कर बाकी सभी छह आरोपियों ने कोर्ट में अप्रैल माह की विभिन्न तिथियों में एसीजेएम पंचम की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
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इन सभी के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया था कि पुलिस निर्धारित 60 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। ऐसे में सीआरपीसी धारा 167 (2) के तहत जमानत आरोपियों का अधिकार है। बचाव की इन दलीलों के आधार पर निचली अदालत ने अप्रैल 2022 में इन छह आरोपियों की जमानत मंजूर कर दी। अब अभियोजन की ओर से इसमें सत्र न्यायालय में अपील की गई थी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता जीडी रतूड़ी ने बहस की। इस पर गत 12 सितंबर को जिला जज ने अपना फैसला सुनाया है।
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पुलिस को चार्जशीट के लिए 90 दिन का मिलता है समय

अदालत में राकेश कुमार पॉल बनाम असम राज्य के फैसले को आधार बनाया गया। इस आदेश के आदेश के फैसले में बताया गया था कि जिन धाराओं में सजा आजीवन कारावास तक की है उनमें पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। ऐसे में जिला न्यायालय ने पाया कि आरोपियों के अधिवक्ताओं ने निचली अदालत में जमानत के लिए गलत तथ्य प्रस्तुत किए थे। यह सब तथ्य कानून के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। इन सभी छह आरोपियों की जमानत रद्द करते हुए सात दिन के भीतर सरेंडर करने के आदेश दिए गए हैं।


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क्या था मामला

फरवरी 2022 में क्लेमेंटटाउन स्थित एक पूर्व नौसना अधिकारी की कुछ बदमाशों ने इस जमीन पर कब्जा करने की नियत से बुल्डोजर से कोठी ढहा दी थी। इसके बाद वहां रखा सामान भी लूटकर ले गए थे। इस मामले में अफसर की पत्नी ने पुलिस में विभिन्न अफसरों के यहां गुहार लगाई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद डीजीपी के आदेश पर इस प्रकरण में क्लेमेंटटाउन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच को हटाकर हरिद्वार पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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