{"_id":"647c288888a3b498cd0d5972","slug":"bageshwar-dham-acharya-pandit-dhirendra-shastri-reached-uttarakhand-to-visit-badrinath-dham-read-more-update-2023-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baba Bageshwar Dham: बदरीनाथ धाम पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री, कहा- तीर्थस्थलों को पिकनिक स्पॉट न बनाएं लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baba Bageshwar Dham: बदरीनाथ धाम पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री, कहा- तीर्थस्थलों को पिकनिक स्पॉट न बनाएं लोग
Sun, 04 Jun 2023 02:04 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट ( देहरादून)
संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट ( देहरादून)
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sun, 04 Jun 2023 02:04 PM IST
सार
बागेश्वर धाम के मुखिया पंडित धीरेंद्र शास्त्री के रविवार सुबह जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनके साथ फोटो खिंचवाने को भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन उनकी कड़ी सुरक्षा के कारण कुछ लोग ही उनके साथ फोटो खिंचवा पाए। इसके बाद वह बदरीनाथ धाम पहुंचे।
विज्ञापन
पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहुंचे बदरीनाथ धाम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बागेश्वर धाम के मुखिया पंडित धीरेंद्र शास्त्री भगवान बदरीविशाल के दर्शन करने पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच बदरीनाथ धाम पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री का मंदिर समिति की ओर से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान बदरीनाथ का आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन
विशेष चार्टड प्लेन से सुबह देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट से वो कड़ी सुरक्षा के बीच बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए। धीरेंद्र शास्त्री विशेष विमान में सवार होकर सुबह 11 बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे। रविवार सुबह एयरपोर्ट पर उनके पहुंचते ही उनके साथ फोटो खिंचवाने को भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन उनकी कड़ी सुरक्षा के कारण कुछ लोग ही उनके साथ फोटो खिंचवा पाए। जिसके बाद वह एयरपोर्ट से रवाना हो गए। उनके कार्यक्रम को गोपनीय रखा गया था। जिस कारण उनके एयरपोर्ट आने के बाद ही एयरपोर्ट कर्मियों को पता चला।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: प्रधानमंत्री मोदी की पहल से पुराने वैभव में लौटेगी चौरासी कुटिया, जानिए क्यों है ये जगह खास
विज्ञापन
तीर्थस्थलों को न बनाए पिकनिक स्पॉट
धाम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम धरती का बैकुंठ है। यहां भगवान बदरीनाथ के साथ ही पवित्र साधु-संतों के भी दर्शन होते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि तीर्थों को पवित्र और गरिमा बनाए रखें। तीर्थों को पिकनिक और प्रदर्शन का स्थल न मानकर दर्शन का स्थल मानें। यहां आकर आत्म अनुभूति करें, गुरु मंत्र का जप करें। उन्होंने कहा तन की शुद्धि होती है स्नान से, मन की शुद्धि तीर्थ में कथा सुनने से और धन की शुद्धि दान से होती है।