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पुजारियों को नहीं भाया 'डुप्लीकेट' बदरीनाथ
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 12 Feb 2015 03:42 PM IST
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मुंबई में बदरीनाथ मंदिर बनाया जाना बदरीनाथ धाम के पुजारी डिमरियों को रास नहीं आ रहा है। इनका तर्क है कि मुंबई में ऐसा हुआ तो प्रदेश का पर्यटन प्रभावित होगा।
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मुंबई में रह रहे चमोली, पौड़ी जिले के लोगों ने 11 करोड़ रुपये की लागत से बदरीनाथ मंदिर का निर्माण करने का निर्णय लिया है। कुछ दिन पूर्व हुए मंदिर के शिलान्यास समरोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मौजूद थे। बावजूद बदरीनाथ मंदिर समिति ने इस समारोह से दूरी बनाकर रखी।
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वहीं बदरीनाथ धाम के पुजारी डिमरी मुंबई में इस मंदिर को बनाए जाने के पक्ष में नहीं है। यही कारण है कि वह मंदिर बनाने वालों से दूरी रख रहे हैं। हालांकि ये लोग अभी खुलकर विरोध नहीं कर रहे हैं। डिमरियों के इस रुख से बदरीनाथ मंदिर समिति भी मानकर चल रही है कि इस मामले में विरोध पनप सकता है।
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दूसरी ओर मुंबई में मंदिर निर्माण में लगे लोग बदरीनाथ मंदिर समिति के रुख से परिचित हैं। ऐसे में मंदिर केशिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत को बुलाया पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों को निमंत्रित ही नहीं किया।
बदरीनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक विष्णु मंदिर बनाना ठीक है पर बदरीनाथ धाम की बात करना सही नहीं है। यह संवेदनशील मामला है और बदरीनाथ धाम के महत्व और संबंधित लोगों की आस्था से भी जुड़ा है। लिहाजा इस तरह के आयोजन से दूर रहना ही बेहतर समझा गया।