बदरीनाथ हाईवे पर चट्टान से गिरा मलबा, पुलिया दबी
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भारी बारिश के कारण चट्टान से मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बाजपुर में करीब आठ घंटे तक बंद रहा और निर्माणाधीन मोटर पुलिया भी मलबे में दब गई। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ढाई घंटे तक वह जाम में फंसे रहे। जब हाईवे खुला तो तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली। वहीं बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे और मैठाणा में जगह-जगह जल भराव की स्थिति भी पैदा हो गई।
27 जून की रात को चमोली जिले में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे मध्य रात्रि को करीब साढ़े बारह बजे मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बाजपुर में बंद हो गया। यहां बीआरओ की ओर से निर्माणाधीन मोटर पुलिया भी मलबे में दब गई है।
सुबह यात्रा शुरू होते ही हाईवे बंद
28 जून की सुबह तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शनों को कर्णप्रयाग से निकले, लेकिन सुबह छह बजे जैसे ही बाजपुर पहुंचे तो यहां हाईवे बंद मिला और देखते ही देखते यहां वाहनों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई। सुबह सात बजे बीआरओ की मशीनों और मजदूरों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया और साढ़े आठ बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही लायक खुल पाया।
परिवार के साथ बदरीनाथ की यात्रा पर जा रहे दिल्ली के मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें बुधवार को ही बदरीनाथ के दर्शन कर लौटना था, लेकिन हाईवे बंद होने से यात्रा शेड्यूल बिगड़ गया है। वहीं, भूस्खलन जोन मैठाणा में जल भराव की स्थिति पैदा होने पर बीआरओ के मजदूरों ने यहां मिट्टी का भरान कर दिया है।
बीआरओ के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद से बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह नए भूस्खलन क्षेत्र सक्रिय हो गए हैं। हल्की सी बारिश होने पर भी मलबा हाईवे पर आ रहा है। भूस्खलन वाले क्षेत्रों में मशीनें और मैन पावर की तैनाती की गई है। हाईवे सुचारु रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।