बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर रोक के खिलाफ एससी जाएगी सरकार, डीएफओ दाखिल करेंगे विशेष अपील
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उत्तराखंड के बुग्यालों में पर्यटकों के रात्रि प्रवास पर रोक और स्थायी निर्माण को हटाने के हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। शीर्ष अदालत में विशेष अपील दाखिल करने के लिए राज्य सरकार की ओर से बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर को अधिकृत कर दिया गया है।
हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 में आली-वेदनी-बगजी बुग्याल संरक्षण समिति की याचिका पर 21 अगस्त को चोली जिले के देवाल ब्लॉक के रूपकुंड, वेदनी सहित प्रदेश के बुग्यालों में रात्रि विश्राम और व्यावसायिक चुगान पर रोक लगाते हुए स्थायी निर्माण को हटाने के आदेश दिए थे।
रूपकुंड पर्यटन संघर्ष समिति ने रोजगार का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में रोक हटाने के लिए याचिका भी दायर की थी। 26 सितंबर को मामले में सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने अपने पूर्व के फैसले को बरकरार रखा था।
अब राज्य सरकार ने बुग्यालों में पर्यटकों के रात्रि प्रवास पर रोक और बुग्याल क्षेत्र में स्थायी निर्माण से रोक हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। सरकार की ओर से बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अपील दाखिल करेंगे।
डीएफओ अमित ने बताया कि केदारनाथ धाम, रुद्रनाथ, मद्महेश्वर और अन्य कई प्राचीन मंदिरों के साथ ही वन विभाग के भी कई स्थायी निर्माण बुग्याल क्षेत्र में हैं, लिहाजा राज्य सरकार की ओर से अगले सप्ताह स्पेशल अपील सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी।