बदरीनाथ धाम के विकास के लिए 424 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार, तीन चरणों में होगा काम
- तीन चरणों में होगा सुविधाओं के लिए बुनियादी ढांचे का विकास
- पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने मास्टर प्लान पर अधिकारियों से की चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ धाम को विकसित करने के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 424 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। तीन चरणों में बदरीनाथ में सुविधाओं के लिए बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
सोमवार को पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बदरीनाथ पहुंच कर अधिकारियों के साथ मास्टर प्लान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के लिए करीब 424 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री के सामने मास्टर प्लान का प्रजेंटेशन होने के बाद उन्होंने इस धाम को आध्यात्मिक धाम के रूप में विकसित करने पर जोर दिया है।
वैसे भी मास्टर प्लान के तहत बदरीनाथ मंदिर के चारों ओर श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधाओं को बेहतर कर अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना है। प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत बदरीनाथ धाम में पहले चरण में शेष नेत्र व बद्रीश झील का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में बदरीनाथ मुख्य मंदिर व उसके आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। वहीं, अंतिम चरण में मंदिर से शेष नेत्र झील को जोड़ने वाले आस्था पथ का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।
बदरीनाथ धाम में तालाबों के सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमेंट, मंदिर एवं घाट सौंदर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फैसिलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य मास्टर प्लान के तहत चरणबद्ध ढंग से प्रस्तावित किए गए हैं। इस मौके पर चारधाम देवस्थानम् बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, जोशीमठ के एसडीएम अनिल चन्याल, नगर पंचायत बदरीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित आदि मौजूद रहे।
जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान का किया निरीक्षण
पर्यटन सचिव ने चमोली में जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान में एपिडा भारत सरकार के सहयोग से संचालित शोध प्रयोगशाला, हर्बेरियम और संस्थान परिसर का निरीक्षण किया। इसमें लगभग 50 औषधीय एवं सगंध पादप प्रजातियां विकसित एवं संरक्षित की गई हैं।
बड़ी इलायची की पौधशाला का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि अधिक से अधिक कृषकों को औषधीय तथा सगंध पादपों के कृषिकरण से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने आयुष मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से संचालित राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की समीक्षात्मक जानकारी भी ली।
बदरी-केदार मास्टर प्लान में पुलिस के लिए जगह मिले
बदरीनाथ और केदारनाथ में मास्टर प्लान के तहत पुलिस ने अपने लिए भी जगह मांगी है। आईजी गढ़वाल रेंज अभिनव कुमार ने यहां पर पुलिस के प्रतिष्ठानों और रिहायश को स्थान देने के लिए कहा है।
बता दें, केदारनाथ और बदरीनाथ को मास्टर प्लान में शामिल किया गया था। यहां पर करोड़ों रुपये की लागत से यात्री निवास, अफसरों के निवास, भोग मंडी आदि का निर्माण किया जाना है। भी तक पुलिस के किसी भी स्थान को इसमें जगह नहीं दी गई थी।
आईजी गढ़वाल रेंज पिछले दिनों बदरीनाथ और केदारनाथ गए थे। ऐसे में उन्होंने वहां मास्टर प्लान में पुलिस के लिए भी स्थान की मांग की है। आईजी ने बताया कि पुलिस को भी मास्टर प्लान के तहत स्थान मिलना चाहिए। ताकि, वहां पर पुलिस का चेकपोस्ट, चौकी या किसी प्रकार की रिहायश का इंतजाम हो सके।
यमनोत्री-गंगोत्री में जांचेंगे व्यवस्था
आईजी अब यमनोत्री और गंगोत्री के भ्रमण पर निकले हैं। उन्होंने बताया कि इस रूट पर पुलिस की व्यवस्था का जायजा लेकर वहां आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही वहां पर पुलिस को किन किन चीजों और सुविधाओं की जरूरत है उसका भी ध्यान दिया जाना है।