23 मई को मिला प्रचंड बहुमत, इसलिए इस दिन मनाया जाना चाहिए 'मोदी दिवस': बाबा रामदेव
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत से प्रभावित योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जिस तरह से मोदी को जनता ने अपार समर्थन दिया है उसे देखते हुए उनकी जीत के दिन 23 मई को लोक कल्याण दिवस या मोदी दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। देश की जनता ने देश के सर्वमान्य नेता को 50 प्रतिशत से भी ज्यादा से अधिक मत देकर देश का प्रधानमंत्री चुना है।
सोमवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि जो व्यक्ति गरीबी में पला बड़ा हो, गरीबों के बीच रहा हो वह देश का प्रधानमंत्री बनकर देश के 130 करोड़ लोगों के बारे में सोचता है। ऐसे व्यक्ति के लिए ये देश कृतज्ञ है। उन्होंने कहा कि प्रचंड बहुमत की इस सरकार के पास अब काम करने का पर्याप्त समर्थन और मौका भी है। उन्होंने कहा कि मोदी की प्रचंड जीत के बाद 23 मई को लोक कल्याण दिवस या मोदी दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।
23 मई का दिन भारतीय राजनीति में हमेशा याद किया जाए
वहीं दूसरी ओर उन्होंने कहा इस प्रचंड जीत के बाद अब सरकार की चुनौतियां बढ़ गई है। अब सरकार को कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के साथ ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर राम मंदिर का निर्माण शीघ्र करवाना चाहिए। उन्होंने देश में गो हत्या और शराब बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाकर महात्मा गांधी का सपना पूरा करने और बढ़ती आबादी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की।
स्वामी रामदेव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी जाति धर्म का हो जिसके दो बच्चे से अधिक हो तो उसे चुनाव लड़ने से वंचित किया जाना चाहिए। उस व्यक्ति को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए। आबादी पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में 200 करोड़ की जनसंख्या हो जाएगी। उस समय न तो खाने के लिए अन्न होगा और न रहने के लिए जमीन होगी। उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक लोगों को समझ लेना चाहिए कि हिंदुओं की उपेक्षा करना अब उन्हें महंगा पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जो हिंदू हित की बात करेगा वही हिंदुस्तान पर राज करेगा।