PM मोदी को मिली राष्ट्रऋषि की उपाधि, अभिभूत होकर मोदी ने कही ये बात
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राष्ट्रनायक और नमो जैसे नाम से अलंकरित देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब राष्ट्रऋषि भी कहलाएंगे। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए देश में सत्ता परिवर्तन की अलख जगाने वाले योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने पतंजलि योगपीठ के मंच पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह उपाधि प्रदान की।
सामान्य तौर पर पतंजलि योगपीठ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन होते रहते हैं। बुधवार को नजारा एकदम बदला हुआ था। करीब चार साल बाद पतंजलि योगपीठ आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यहां आज नई उपाधि राष्ट्रऋषि से नवाजा गया।
पतंजलि योगपीठ की ओर से इस उपलक्ष्य में बाकायदा न केवल भव्य समारोह का आयोजन किया गया था बल्कि विधि विधान से सभी पारंपरिक औपचारिकताएं भी पूरी की गई।
पतंजलि के योगाचार्यों, आचार्यकुलम के बच्चों के मंत्रोच्चार के बीच बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने जब प्रधानमंत्री को शॉल ओढ़ाया और स्मृति चिन्ह भेंट किया तो पूरा सभागार भारत माता की जय और वंदेमातरम के जयकारों से गूंज उठा।
पीएम मोदी ने कही ये बात
सभागार में मौजूद योग प्रशिक्षार्थी, आचार्यकुलम के योगार्थी, पतंजलि परिवार के सदस्य एक पत्रक पर छपे श्लोकों का वाचन कर रहे थे और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण उसका हिंदी में अनुवाद करते हुए यह बता रहे थे कि नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की किन खूबियों के कारणा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है। हर बार पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
बाबा रामदेव ने कहा कि नरेंद्र मोदी का पूरा व्यक्तित्व एक ऋषि की तरह है। वे हमेशा देश के लिए ही सोचते और करते हैं। मोदी में पूरी दुनिया का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रऋषि की उपाधि से नवाजते हुए पतंजलि परिवार खुद को भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
सम्मान पाकर अभिभूत दिखे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पतंजलि परिवार के साथ ही सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई सम्मान मिलता है तो वह नई जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है। वे नई जिम्मदारी के अहसास के साथ काम करेंगे।