जाते-जाते एक और को वीसी बना गए कुरैशी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तबादला आदेश से नौ दिन बाद और उत्तराखंड छोड़ने से ठीक पहले तक राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति भी कर दी। विगत सात जनवरी को देहरादून छोड़ने से ठीक पहले कुरैशी ने सतेंद्र प्रसाद मिश्र को पुन: आयुर्वेद विवि में तीन वर्ष के लिए कुलपति के रूप में नियुक्त करने के आदेश जारी किए।
जबकि इससे पूर्व कुरैशी तबादला आदेश आने के बाद औद्यानिकी व वानिकी विवि के कुलपति की नियुक्ति भी कर चुके थे।
30 दिसंबर 2014 को राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी के मिजोरम तबादले की अधिसूचना जारी हो गई थी, लेकिन तीन दिन बाद कुरैशी ने औद्यानिकी व वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कार्यवाहक कुलपति डॉ. मैथ्यू प्रसाद की नैय्या भी पार लगाते हुए उन्हें तीन वर्ष के लिए स्थायी कुलपति के रूप में नियुक्ति दी।
नियुक्तियों पर उठ रहे सवाल
तबादले की अधिसूचना जारी होने के बाद राजभवन से हुई इस नियुक्ति पर कई तरह के सवाल खड़े हुए। हालांकि कई लोग नियुक्तियों को लेकर कोर्ट जाने की बात भी कर रहे हैं।
वह तो तीन दिन बाद का निर्णय था, लेकिन अब तबादला आदेश के नौ दिन बाद राज्यपाल ने विगत सात जनवरी को जाने से ठीक पहले उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर भी नियुक्ति कर दी।
अभी तक कुलपति का काम देख रहे सतेंद्र प्रसाद मिश्र को ही अगले तीन वर्षों के लिए कुलपति नियुक्त करने के आदेश राजभवन से तीन दिन पहले जारी हुए। इन दोनों नियुक्तियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। क्योंकि तबादले की अधिसूचना के बाद नैतिक व व्यवहारिक तौर पर कोई नीतिगत फैसला या नियुक्ति करने से परहेज ही बरता जाता है।