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आयुर्वेद दिलाएगा 120 दिन में माइग्रेन से निजात, जानिए कैसे

Tue, 09 May 2017 05:44 PM IST
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 09 May 2017 05:44 PM IST
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Ayurveda will give treatment for migraine in 120 days

तेज सिरदर्द की बीमारी माइग्रेन का इलाज आयुर्वेदिक दवा से सिर्फ 120 दिन में किया जा सकता है। यह तथ्य एम्स में आजमाए गए आयुर्वेदिक फार्मूले से उजागर हुआ है।

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माइग्रेन के इलाज के लिए देहरादून के वैद्य पद्मश्री बालेंदु प्रकाश ने यह फार्मूला तैयार किया है। इस फार्मूले को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के न्यूरोलॉजी विभाग ने प्रमाणित कर दिया है। एम्स के मुताबिक एलोपैथिक थ्योरी से अलग इस आयुर्वेदिक फार्मूले से क्रोनिक माइग्रेन को भी ठीक किया जा सकता है।
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वैद्य बालेंदु ने सबसे पहले वर्ष 1985 में माइग्रेन का आयुर्वेदिक फार्मूला तैयार किया। 20 साल से इस दर्द से पीड़ित एक महिला मरीज को उन्होंने यह दवाई दी और चार महीने में मरीज बिल्कुल ठीक हो गई। एलोपैथ की दुनिया में माइग्रेन को न्यूरो की बीमारी के तौर पर देखा जाता है लेकिन वैद्य बालेंदु का कहना है कि यह पित्त का विकार है।
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वर्ष 2002 में उन्होंने इस अभियान को आगे बढ़ाना शुरू किया। इस बीच वर्ष 2006 में वैद्य बालेंदु ने इंटरनेशनल हैडेक सोसाइटी के अंतरराष्ट्रीय सिंपोजियम में माइग्रेन की आयुर्वेदिक थ्योरी पेश की। वर्ष 2007 में स्वीडन में आयोजित इंटरनेशनल हैडेक कांग्रेस और 2010 में अमेरिका में हैडेक सोसाइटी के कार्यक्रम में उन्होंने माइग्रेन का आयुर्वेदिक फार्मूला पेश किया। इस बीच हैडेक सोसाइटी ने वैद्य बालेंदु को अपनी सदस्यता भी दे दी। 

अपने फार्मूले को पुख्ता करने के लिए वैद्य बालेंदु ने बांबे कॉलेज ऑफ फार्मेसी में इसकी विषाक्तता अध्ययन करवाया। यहां निष्कर्ष निकला कि इस दवा का कोई साइड इफैक्ट नहीं है। 

यह है आयुर्वेदिक फार्मूला

Ayurveda will give treatment for migraine in 120 days

एक अप्रैल 2012 से उनका यह आयुर्वेदिक शोध एम्स में शुरू हुआ। इस शोध में एम्स की न्यूरो विभाग की प्रो. मंजरी त्रिपाठी प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर बनी और न्यूरो सर्जन डॉ. एके महापात्रा व वैद्य बालेंदु इस शोध के को-इनवेस्टिगेटर बने। कुल 144 मरीजों पर यह शोध चार साल चला। 120 दिन तक आधे मरीजों को एलोपैथिक और आधे मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार दिया गया।

​यहीं से आयुर्वेदिक फार्मूला असरदार साबित होने लगा। इसके बाद पूरे एक साल तक दोनों ग्रुप के मरीजों पर नजर रखी गई। 365 दिन में तेज सिरदर्द का आयुर्वेदिक ग्रुप का कोई मरीज बाकी नहीं रहा जबकि एलोपैथिक ग्रुप के ऐसे दस मरीज सामने आए।

इसी प्रकार नौ मरीजों में माइग्रेन का कोई लक्षण ही नहीं बचा जबकि एलोपैथ ग्रुप में किसी मरीज को इतनी राहत नहीं मिली। हाल ही में एम्स ने अपनी शोध रिपोर्ट जारी की है, जिसमें उन्होंने आयुर्वेदिक फार्मूले को माइग्रेन को जड़ से खत्म करने वाला करार दे दिया है।

यह है आयुर्वेदिक फार्मूला
नारीकेल लवण, न्यूमैक्स, रसोनवटी और गोदंती मिश्रण।
यह है माइग्रेन के लक्षण
साल में कम से कम पांच बार तेज सिरदर्द होना।
चार से 72 घंटे तक लगातार दर्द होना। दर्द आधे सिर या पूरे सिर में हो सकता है।
शारीरिक श्रम करने पर दर्द में बढ़ोतरी होना।
जी मिचलाना, उल्टी होना। आवाज या रोशनी से परेशानी होना।

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