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Avalanche Warning: उत्तराखंड के इन तीन जिलों के लिए अगले 24 घंटे भारी, मौसम विभाग ने दी हिमस्खलन की चेतावनी
Fri, 07 Mar 2025 11:06 AM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 07 Mar 2025 11:06 AM IST
सार
उत्तराखंड के तीन जिलों के लिए अगले 24 घंटे भारी हैं। यहां मौसम विभाग की ओर से हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आठ मार्च तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहना की संभावना जताई गई थी।
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हिमस्खलन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान चंडीगढ़ ने उत्तराखंड के तीन जिलों में हिमस्खलन को लेकर चेतावनी दी है। कहा गया है कि चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले में अगले 24 घंटे में 2950 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में हिमस्खलन हो सकता है।
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चीन सीमा पर माणा के पास बीते सप्ताह हिमस्खलन हुआ था, जिसकी चपेट में 55 मजदूर आ गए थे। इनमें से 46 को सुरक्षित निकाला गया, जबकि आठ की मौत हो गई थी। श्रमिकों को निकालने के लिए तीन दिन तक रेस्क्यू अभियान चला।
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माणा हिमस्खलन की घटना के बाद माणा-माणा पास हाईवे का चौड़ीकरण कार्य पीछे खिसक गया है। हाईवे पर सुधारीकरण व चौड़ीकरण कार्य वर्ष 2027 के अक्तूबर माह में पूर्ण होना था, लेकिन इस घटना से कार्य की रफ्तार धीमी पड़ने के आसार हैं। बीआरओ ने मजदूरों के ठहरने के लिए नए कंटेनर स्थापित करने के लिए बदरीनाथ से माणा के बीच सुरक्षित स्थान की ढूंढ भी शुरू कर दी है।
दो से तीन फीट तक बर्फ जमी
अभी इस क्षेत्र में दो से तीन फीट तक बर्फ जमी है। बर्फ पिघलने के बाद सबसे पहले मजदूरों को रहने के लिए नए कंटेनर स्थापित किए जाएंगे। पिछले दो साल से माणा गांव-माणा पास हाईवे का सुधारीकरण और चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की ओर से प्राइवेट फर्म को हाईवे चौड़ीकरण का काम सौंपा गया है।
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इसके लिए क्षेत्र में मजदूर निवासरत थे। ये मजदूर हाईवे चौड़ीकरण कार्य करने के बाद रात्रि विश्राम के लिए माणा पास इंट्री गेट के समीप स्थापित कंटेनर में पहुंच जाते हैं। यहां मजदूरों के आठ कंटेनर और एक शेल्टर था। जो अब हिमस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यदि मौसम साफ रहा तो अप्रैल माह के अंत तक सीमा क्षेत्र में बर्फ पिघल सकेगी।