{"_id":"633d038983fd561c02619b7b","slug":"avalanche-in-uttarkashi-draupadi-ka-danda-peak-nim-all-update-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi Avalanche: जहां दबे पर्वतारोही, वहां अब तक नहीं पहुंच पाई रेस्क्यू टीम, 26 प्रशिक्षु अब भी लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi Avalanche: जहां दबे पर्वतारोही, वहां अब तक नहीं पहुंच पाई रेस्क्यू टीम, 26 प्रशिक्षु अब भी लापता
Wed, 05 Oct 2022 11:44 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 05 Oct 2022 11:44 PM IST
सार
कमांडेंट एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा ने बताया कि वहां मौसम खराब है। घटना स्थल इतनी ऊंचाई पर है कि वहां दो मीटर आगे देखना भी मुश्किल होता है। बुधवार को टीम बेस कैंप से एडवांस कैंप तक पहुंच पाई है।
विज्ञापन
घायल पर्वतारोही को लाते जवान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए निकला 46 पर्वतारोहियों का दल डोकराणी बामक ग्लेशियर क्षेत्र में जिस जगह हिमस्खलन की चपेट में आया, वहां तक अभी रेस्क्यू टीम पहुंची ही नहीं है। वहां फंसे पर्वतारोहियों ने खुद के साथ साथियों को रेस्क्यू तक बेस कैंप तक पहुंचाया। वहां से बुधवार को 14 लोगों को हेलीकॉप्टर से मातली लाया गया। दल के बाकी 26 प्रशिक्षु अभी भी लापता हैं। इस दल के चार लोगों की मौत मंगलवार को ही हो चुकी है।
विज्ञापन
कमांडेंट एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा ने बताया कि वहां मौसम खराब है। घटना स्थल इतनी ऊंचाई पर है कि वहां दो मीटर आगे देखना भी मुश्किल होता है। बुधवार को टीम बेस कैंप से एडवांस कैंप तक पहुंच पाई है। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे तक रेस्क्यू टीम के घटना स्थल तक पहुंचने की उम्मीद है। रेस्क्यू टीम के घटना स्थल तक पहुंचने के बाद यहां रेस्क्यू शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सुबह का समय सबसे बेहतर होता है। उन्होंने बताया कि पूूर्ण रूप से स्वस्थ दो प्रशिक्षक बेस कैंप में ही रुक गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू में सहयोग कर सकें। मातली लाए गए मामूली रूप से घायल पांच लोगों का जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है। वहीं 9 लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। वहीं जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने बताया कि आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए हर सेक्टर पर जिलास्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि इस कोर्स में कुल 54 प्रशिक्षु, सात प्रशिक्षक और 5 नर्सिंग स्टाफ था। इसमें से 20 प्रशिक्षु विभिन्न कारणों से द्रौपदी का डांडा नहीं गए थे।
विज्ञापन
Avalanche: द्रोपदी के डांडा में ना के बराबर होती है हिमस्खलन की आशंका, निम के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
विज्ञापन
उत्तरकाशी में अगले तीन दिन तक ट्रेकिंग व पर्वतारोहण पर रोक
उत्तरकाशी। जिला प्रशासन ने छह से आठ अक्तूबर तक ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। मौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिन भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने यह निर्णय लिया।
अनिल को दूसरी बार मिला नया जीवन
द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन हादसे में सकुशल बचे निम के प्रशिक्षक अनिल कुमार को दूसरी बार नया जीवन मिला है। वे वर्ष 2010 में भी हिमस्खलन में फंस चुके हैं। इस घटना में 18 लोगों की मौत हुई थी। राजस्थान निवासी अनिल कुमार पिछले चार साल से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) में प्रशिक्षक के तौर पर तैनात हैं। अनिल ने बताया कि एक चैनल ने उनकी मौत की खबर चला दी थी, जिससे उनके परिजन दहशत में आ गए थे।
इनको लाया गया है सकुशल
1-सूरज सिंह पुत्र जयपाल सिंह, उत्तरकाशी प्रशिक्षु
2-रोहित भट्ट पुत्र जगदंबा प्रसाद, टिहरी गढ़वाल, प्रशिक्षु
3-सुनील तालवानी पुत्र बाल चंद तालवानी, महाराष्ट्र, प्रशिक्षु
4-दीप सिंह पुत्र कन्हैया लाल, गुजरात, प्रशिक्षु
5- अकाश पुत्र चुन्ना लाल, मुंबई, प्रशिक्षु
6 - अनिल कुमार पुत्र विधावर प्रशिक्षु
7- कंचन सिंह पुत्र मेहरबान सिंह, निवासी चमोली, प्रशिक्षु
8- अंकित पुत्र बैचेन कंडियाल, देहरादून, प्रशिक्षु
9- प्रदीप पुत्र तरुण कुमार, वेस्ट बंगाल, प्रशिक्षु
10- रेखा पुत्री केएस अग्निहोत्री उत्तरकाशी (इंस्ट्रेक्टर)
11- बबीता पुत्री उत्तम सिंह, उत्तरकाशी,
12-राकेश पुत्र उत्तम सिंह, (इंस्ट्रेक्टर ) उत्तरकाशी
13- अंकुश पुत्र निलेश शर्मा देहरादून प्रशिक्षु
14- मनीष अग्रवाल पुत्र अशोक अग्रवाल दिल्ली, प्रशिक्षु)
15-दिगंबर सिंह पुत्र राजमोहन सिंह निवासी उत्तरकाशी