यहां सोशल मीडिया पर बांटे जा रहे विधानसभा चुनाव के टिकट
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में टिकटों को लेकर पार्टियों के हाईकमान भले ही अभी तक कोई फैसला न ले पाए हों, लेकिन सोशल मीडिया पर टिकटों की रोजाना नई सूची जारी हो रही है। समर्थक अपने अपने नेताओं को दावेदारों में अव्वल दिखा रहे हैं। हाल ये है कि फेसबुक और व्हाटसएप पर समर्थकों के बीच सूची को लेकर गैंगवार की स्थिति बनी हुई है।
विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा ने सबसे पहले अपने प्रत्याशियों की घोषणा की। पिछले दिनों समाजवादी पार्टी ने भी कई सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए। सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा में दावेदारों की लंबी लाइन होने के चलते खींचातानी के हालात बने हुए हैं। हालांकि भाजपा में सीटिंग विधायकों सहित कई सीटों पर टिकट को लेकर तस्वीर साफ है, पर कांग्रेस में उलझन ज्यादा है।
एक दूसरे को पटखने देने की रणनीति के तहत दोनों ही दल ऐन वक्त पर पत्ते खोलने की तैयारी में है। लेकिन सोशल मीडिया पर रोजाना नई नई सूचियां जारी हो रही है। जिनमें अलग अलग नेताओं के समर्थक उन्हें दावेदारों में सबसे ऊपर दिखा रहे हैं। कमाल की बात तो ये है कि सूची विरोधी दावेदारों के हाथ लगने पर प्रतिद्वंद्वी का नाम गायब कर अपने नेता का नाम सबसे ऊपर पहुंचा दिया जाता है। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के दावेदारों के बीच आपस में ही घमासान छिड़ा हुआ है।
फेसबुक पर भिड़े मदन व निशंक समर्थक
सोशल मीडिया पर मनमानी सूची डालने से समर्थकों के बीच विवाद हो रहे हैं। शनिवार को सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के प्रतिनिधि संजय त्रिवाल की ओर से फेसबुक पर एक सूची डाली गई। जिसमें नगर विधायक मदन कौशिक की जगह सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि का टिकट हरिद्वार से फाइनल दिखाया गया।
वहीं मदन कौशिक को कलियर विधानसभा से प्रत्याशी बताया गया। यह भी दावा किया गया कि यह सूची हाईकमान ने फाइनल की है। ये सूची फेसबुक पर डलते ही कई लोगों ने मदन कौशिक को कलियर से प्रत्याशी बनाने पर चुटकी ली। वहीं विधायक के समर्थकों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए भला बुरा कहा।
जिसको लेकर सांसद निशंक और विधायक मदन कौशिक के समर्थकों के बीच फेसबुक पर ही तीखी नोंकझोंक हुई। जिसमें एक दूसरे के नेताओं पर आरोप प्रत्यारोप लगाए गए। दोनों नेताओं के समर्थकों को भिड़ता देख कांग्रेसी और अन्य फेसबुक यूजर भी बीच बीच में कमेंट लिखकर आग में घी डालकर मजे लेते रहे।
फेसबुक यूजर से ले रहे राय
चुनावी सीजन में टिकट को लेकर भी फेसबुक पर राय ली जा रही है। इनमें छुटभैये नेता भी पीछे नहीं है। फेसबुक यूजर से पूछा जा रहा है कि विधानसभा सीट पर प्रत्याशी किसे बनाया जाए। अपने नेताओं के नाम लिखने पर समर्थकों के बीच नोंकझोक हो रही है।