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रावत के सत्ता संभालते ही गरजी 'आशाएं', मांगा हक
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 12 May 2016 08:08 PM IST
सार
- मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन
- महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका के पदों पर की जाए भर्ती
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विस्तार
उत्तराखंड मातृ-शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर अपना हक मांगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूर्व में हुई वार्ता के समझौतों और स्वास्थ्य कर्मियों की लंबित मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
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बृहस्पतिवार को संघ की प्रदेश अध्यक्ष गुड्डी मटूडा के नेतृत्व में कर्मियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में महिला कर्मियों पर 2010 में प्रशासनिक विभाग की ओर से दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की।
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सीएम को याद दिलाई घोषणा
उन्होंने कहा कि पूर्व में खुद मुख्यमंत्री ने मुकदमा वापस लेने की घोषणा की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महिला स्वास्थ्य कर्मियों को पदोन्नति के तीन अवसर दिए जाने का कार्य वृत्त जारी किया गया है। उसके बावजूद दो माह बाद भी महानिदेशालय कार्यालय से शासन को प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।
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कर्मियों ने कहा कि महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका के 257 पदों का सृजन चार वर्षों से लंबित पड़ा है। 440 पदों पर नई नियुक्ति की विज्ञप्ति जारी हुई, जिसमें सामान्य वर्ग के 53 पद ही रिक्त हैं।
सामान्य वर्ग के 257 पदों का सृजन करते हुए नियुक्ति की जाए। ज्ञापन देने वालों में विजया जोशी, सुशीला तंवर, सुनीता सरीन, सुषमा ध्यानी, देवकी मर्तोलिया, नीरजा चौहान आदि कर्मचारी शामिल रहे।